सितारगंज तहसील में रिश्वत लेते पकड़े गए दो कर्मचारियों के बाद हंगामा मच गया। नाराज कर्मचारियों ने गेट पर ताला लगाकर विजिलेंस टीम को 20 घंटे तक अंदर रोके रखा।

Sitarganj News : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले की सितारगंज तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई के बाद अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई। विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में संग्रह अमीन मदन शर्मा और वरिष्ठ सहायक (बड़े बाबू) उपेंद्र राणा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसके बाद नाराज तहसील कर्मियों ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया, जिससे विजिलेंस टीम और गिरफ्तार कर्मचारी 20 घंटे से अधिक समय तक तहसील परिसर के भीतर ही फंसे रहे। हालात बिगड़ने पर पूरे परिसर को पुलिस छावनी में बदल दिया गया।
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विजिलेंस विभाग को लंबे समय से तहसील में रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के सत्यापन के बाद टीम ने ट्रैप कार्रवाई की और संग्रह कक्ष में संग्रह अमीन मदन शर्मा तथा बड़े बाबू उपेंद्र राणा को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर और पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई।
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जैसे ही गिरफ्तारी की सूचना अन्य कर्मचारियों तक पहुंची, तहसील परिसर में विरोध शुरू हो गया। आक्रोशित कर्मचारियों ने मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और विजिलेंस टीम को बाहर निकलने से रोक दिया। देखते ही देखते मामला तूल पकड़ गया और पूरी रात गतिरोध बना रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल की भारी तैनाती करनी पड़ी।
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घटना के बाद सितारगंज तहसील परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए। दूसरी ओर, राजस्व कर्मचारी और कर्मचारी संगठन भी अपने साथियों के समर्थन में जुटने लगे। विजिलेंस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा और कार्रवाई कानून के दायरे में ही आगे बढ़ेगी।
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इस घटना ने सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई और विभागीय सहयोग को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर विजिलेंस इसे पारदर्शी कार्रवाई बता रही है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारी संगठन कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
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