भारत का सबसे छोटा हवाई अड्डा बलजेक, जहां 17 साल से एक भी कामर्शियल फ्लाइट नहीं उड़ी
Smallest Airport
भारत
चेतना मंच
27 May 2025 12:03 AM
Smallest Airport : जब हम एयरपोर्ट का नाम सुनते हैं, तो जहन में बड़े टर्मिनल, लंबी रनवे और भीड़भाड़ वाली सुरक्षा कतारें आती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा भी हवाई अड्डा है, जहां पिछले 17 सालों से एक भी कमर्शियल फ्लाइट नहीं उड़ी? यह कहानी है मेघालय के छोटे से बलजेक एयरपोर्ट की, जिसे भारत का सबसे छोटा एयरपोर्ट माना जाता है।
कहां है यह अनदेखा एयरपोर्ट?
बलजेक एयरपोर्ट पूर्वोत्तर भारत के मेघालय राज्य के पश्चिम गारो हिल्स जिले में स्थित है। यह एयरपोर्ट तुरा शहर के पास है, जो राज्य के एक प्रमुख नगरों में से एक है। यहां से गुवाहाटी लगभग 170 किलोमीटर दूर है, लेकिन पहाड़ी और घने जंगलों से घिरा यह इलाका सड़क मार्ग से पूरी तरह निर्भर है। यही वजह थी कि एयरपोर्ट का निर्माण एक उम्मीद की तरह देखा गया।
2008 में बनी उम्मीद, जो कभी उड़ी ही नहीं
बलजेक एयरपोर्ट का निर्माण 2008 में पूरा हुआ था। उसी साल इसका उद्घाटन भी हुआ। इस परियोजना के पीछे उद्देश्य था कि गारो हिल्स के लोगों को हवाई संपर्क से जोड़ा जा सके और राज्य के इस सुदूर क्षेत्र को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाए। लेकिन अफसोस! उद्घाटन के बाद से आज तक कोई नियमित कमर्शियल फ्लाइट यहां से शुरू नहीं हो सकी। कुछ ट्रायल फ्लाइट्स और चार्टर्ड विमान यहां आए जरूर, लेकिन रेगुलर सर्विस का सपना सपना ही रह गया।
क्यों नहीं उड़तीं यहां फ्लाइट्स?
बलजेक एयरपोर्ट को छोटा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसका रनवे बहुत छोटा है, केवल छोटे विमान ही उतर सकते हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर सीमित है, कोई बड़ा टर्मिनल नहीं। सबसे बड़ी बात यहां से हवाई यात्रा की मांग बहुत कम है। आर्थिक रूप से इस रूट को लाभकारी नहीं माना गया। इसके अलावा मेघालय जैसे पहाड़ी राज्य में मौसम की अस्थिरता और तकनीकी चुनौतियां भी एक बड़ी बाधा रही हैं।
क्या भविष्य में उड़ान भर पाएगा बलजेक एयरपोर्ट?
सरकार की योजना है कि उड़ान योजना (उड़े देश का आम नागरिक, रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम) के तहत बलजेक एयरपोर्ट को पुन: सक्रिय किया जाए। इस योजना का उद्देश्य है कि छोटे शहरों को भी हवाई सेवा से जोड़ा जाए। अगर यह योजना सफल होती है, तो तुरा, गारो हिल्स जैसे इलाकों का तेजी से विकास होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा।
स्थानीय लोगों के लिए क्या है इसका महत्व?
बलजेक एयरपोर्ट सिर्फ एक रनवे नहीं, बल्कि एक संभावना है। भले ही फिलहाल यहां से विमान न उड़ें, लेकिन इसके होने से ही लोगों में उम्मीद जिंदा है कि कभी न कभी यह छोटा हवाई अड्डा बड़ी उड़ान भर ही लेगा। यह एयरपोर्ट राज्य की सरकारों, केंद्र की नीतियों और एयरलाइंस की नजर का इंतजार कर रहा है। क्योंकि यहां से उड़ान भले न हो रही हो, लेकिन लोगों की आसमान छूने की उम्मीदें अब भी कायम हैं।