अच्छा तो इसलिए नेता पहनते हैं सफेद कपड़े! दिलचस्प है राज़
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 02:11 AM
भारत एक ऐसा देश है जहां हर कुछ किलोमीटर पर भाषा, खानपान और पहनावे में बदलाव देखने को मिलता है, लेकिन अगर देश की राजनीति पर नजर डालें तो हर दल, हर विचारधारा के नेता एक मामले में लगभग एक जैसे ही नजर आते हैं और वो है उनकी सफेद पोशाक। चाहे किसी पार्टी के वरिष्ठ नेता हों या कोई नया उभरता हुआ चेहरा, सफेद कुर्ता-पायजामा और सफेद साड़ी जैसे कपड़े एक सामान्य पहचान बन चुके हैं। पर क्या आपने कभी सोचा है कि नेताओं की पहचान सफेद कपड़ों से ही क्यों जुड़ गई? आखिर क्यों राजनीति में कदम रखते ही लोग रंग-बिरंगे कपड़ों को छोड़कर सिर्फ सफेद पहनना शुरू कर देते हैं? Why do Leaders Wear White Clothes
सफेद कपड़ों की शुरुआत कहां से हुई?
इस सवाल का जवाब हमें भारत के स्वतंत्रता संग्राम के दौर में मिलता है। जब महात्मा गांधी ने देश में स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत की थी तब उन्होंने विदेशी कपड़ों के बहिष्कार का आह्वान किया था। लोगों ने विदेशी वस्त्रों की होली जलाई और अपने हाथों से बने खादी वस्त्र पहनना शुरू किया। महात्मा गांधी का मानना था कि खादी न सिर्फ आत्मनिर्भरता का प्रतीक है बल्कि यह साधारण जीवन और सत्य की राह को दर्शाता है। उस समय खादी से बने अधिकतर कपड़े सफेद रंग के होते थे क्योंकि उन्हें रसायनों से रंगा नहीं जाता था। धीरे-धीरे यह सफेद खादी स्वतंत्रता सेनानियों की पहचान बन गई और यहीं से सफेद रंग राजनीति की वेशभूषा का हिस्सा बन गया।
सफेद रंग का प्रतीक क्या है?
सफेद रंग को सादगी, ईमानदारी और निष्पक्षता का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि नेताओं ने इसे अपनाया और आज भी इसे अपने पहनावे का अहम हिस्सा बनाए हुए हैं। कई बार यह भी माना जाता है कि सफेद कपड़े पहनकर नेता यह संदेश देना चाहते हैं कि वे पारदर्शिता, सेवा और त्याग की भावना के साथ काम कर रहे हैं। एक बार कांग्रेस नेता शशि थरूर से एक बच्चे ने पूछ लिया था कि वे हमेशा सफेद कपड़े और तिरंगे वाला शॉल क्यों पहनते हैं? इस पर थरूर ने मुस्कराते हुए जवाब दिया था कि "सफेद रंग शांति और सादगी का प्रतीक है।" हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि कुछ संस्कृतियों में सफेद रंग शोक का भी प्रतीक होता है लेकिन राजनीति में इसका मतलब बिल्कुल अलग है।
समय भले ही बदल गया हो, लेकिन नेताओं का सफेद पहनावा आज भी भारतीय राजनीति की एक मजबूत पहचान बना हुआ है। यह न सिर्फ स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राजनीति में अब भी कुछ प्रतीक ऐसे हैं जो अपने मूल्यों के साथ जुड़े हुए हैं। Why do Leaders Wear White Clothes