Solar System : जानिए कौन सा सोलर सिस्टम रहेगा आपके घर के लिए बेस्ट.
Solar system: Know which solar system will be best for your home.
भारत
चेतना मंच
03 Mar 2023 04:04 PM
Solar System : ‘हम तुम एक कमरे में बंद हो और पावर कट हो जाए सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो सोचो कभी ऐसा हो तो क्या हो’ अरे नही-नही यह क्या हो गया यार. ऐसा ही कुछ आपके दिमाग में भी आता होगा जब आप अपने परिवार या फिर दोस्तों के साथ बैठकर चाय का आनंद ले रहे हो और अचानक से पावर कट हो जाए. अरे पता नही अब कितनी देर में लाईट आएगी वगैरह-वगैरह कुछ ऐसे ही खयालात आपके मन में आते होंगे और आना लाजिमी भी है. गर्मियां शुरू हो चुकी है और ऐसे में पावर कट की समस्या से जूझना भला किसको पसंद होता है और साथ ही साथ तेजी से बढ़ता बिजली का बिल अच्छे अच्छों का पसीना निकल आता है.
Solar System :
तो चलिए आज हम आपको इन दोनों समस्याओं से छुटकारा दिला देते है और वह भी बिल्कुल मुफ्त के दामों में, क्यों पड़ गए ना सोच में कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है यह तो वह ही बात हुई की आम के आम और गुठलियों के दाम. दरअसल हम यहाँ पर घर में सोलर सिस्टम लगवाने के बारे में बात कर रहे है. जी हाँ दोस्तों सोलर सिस्टम को घर पर लगवाने से आप अपनी पावर कट और बिजली के भारी-भरकम बिल दोनों की समस्या से एक ही साथ छुटकारा पा सकते है बस जरूरत है तो सिर्फ जरा सी समझदारी दिखाने की.
दरअसल जब भी हम सोलर सिस्टम की बात करते है तो हमारे दिमाग में सबसे पहले बड़ी-बड़ी प्लेटों का ही ध्यान आता है और फिर हम सोचते है कि इतनी बड़ी सोलर प्लेटों को घर की छत पर लगवाने से तो हमारी छत की सारी जगह ही खत्म हो जाएगी और फिर वह सोलर सिस्टम को लगवाने का ख्याल ही छोड़ देते है. यह सब सिर्फ सोलर सिस्टम के बारे में पूरी जानकारी नही होने के कारण होता है इस आर्टिकल में हम आपको सोलर सिस्टम के बारे में पूरी जानकारी देंगे जिससे आप भी अपने घर की जरूरत के हिसाब से सोलर सिस्टम को घर पर लगवा सके तथा पावर कट और बिजली के बिल दोनों की समस्या से छुटकारा पा सके.
Solar System :
ऐसे समझे सोलर का गणित
सोलर सिस्टम को घर पर लगवाने से पहले आप को यह समझना होगा कि आप के घर में बिजली की खपत कितनी है यानी की आपके घर में प्रतिदिन कितने यूनिट बिजली की खपत हो रही है. उसके बाद ही आप सोलर सिस्टम की कपैसिटी का चुनाव करें. सोलर सिस्टम के अन्दर तीन प्रकार की प्लेट्स आती है जिनको हम Crystalline, Polycrystalline तथा Monocrystalline पैनल के रूप में जानते है. सोलर सिस्टम में जो पहले पैनल आते थे वह Crystalline पैनल होते थे वह एक किलोवाट में पूरे दिन में चार यूनिट बनाता था लेकिन अब जो Polycrystalline तथा Monocrystalline पैनल आ रहे है वह कम से कम 5 से 6 यूनिट तक पूरे दिन में बनाता है यहाँ पर पूरे दिन से मतलब सुबह 9 से शाम 4 बजे तक का है जिस समय सूर्य का प्रकाश अपने चरम पर होता है. इस तरह आप अपने घर के बिजली के खपत के हिसाब से सोलर सिस्टम लगवा सकते है.
कौन सा सोलर सिस्टम रहेगा घर के लिए ठीक
सोलर सिस्टम आन-ग्रिड तथा आफ-ग्रिड दो प्रकार के होते है आप अपनी सुविधानुसार किसी भी प्रकार का सिस्टम चुन सकते है.
आन-ग्रिड सिस्टम
आन-ग्रिड सिस्टम में हम बैटरीज का उपयोग नहीं करते है. इस सिस्टम में सोलर पैनल को कनेक्ट करके आपके घर के ग्रिड से जोड़ दिया जाता है तथा यह सिस्टम वहाँ पर उपयोगी है जहाँ पर पावर कट ज्यादा लम्बे नही होते है तथा आपको पावर को स्टोर करने की आवश्यकता नही होती है. यह सोलर सिस्टम सिर्फ दिन में काम करता है. आन-ग्रिड सिस्टम में हम बैटरीज का उपयोग करते है. इस सिस्टम में हम सोलर पैनल को आपस में कनेक्ट करने के बाद बैटरीज से कनेक्ट करते है और फिर अपने घर के ग्रिड से जोड़ देते है. इस सिस्टम में हम पावर को स्टोर करने के लिए हम बैटरीज का उपयोग करते है. यह सोलर सिस्टम वहाँ पर उपयोगी है जहाँ पर पावर कट बहुत ही लम्बे होते है. यह सोलर सिस्टम रात में भी काम करता है.
क्या है सब्सिडी का प्रावधान
सोलर सिस्टम को आप घर पर लगवाते है तो आपको सरकार की तरफ से 20% से लेकर 40% तक की छूट मिलती है तथा पहाड़ी इलाकों में तो 60% तक की सब्सिडी होती है जो की राज्य सरकार तथा केंद्र सरकार की तरफ से अलग-अलग दी जाती है.