घटियापन की चरमसीमा लांघ गए कुछ नेता, रेप पीड़िता को मिली मदद में से मांगा कमीशन
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:48 AM
Pali: पाली। मुंह में राम, बगल में छुरी। यह कहावत तो आपने सुनी ही होगी। राजस्थान के पाली में यह कहावत चरितार्थ हो रही है। यहां कमीशनखोरी का चौंकाने वाला एक ऐसा मामला उजागर हुआ है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। यहां 8 साल की दुष्कर्म पीड़िता को सरकार ने 4.25 लाख रुपये की सहायता दी है। रकम मिलने के बाद न्यायपीठ का दर्जा प्राप्त बाल कल्याण समिति ने 10 फीसदी कमीशन की मांग की। पीड़िता की मां की शिकायत पर एंटी करप्शन ब्यूरो ने समिति के अध्यक्ष समेत चार लोगों को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लोगों में न्यायपीठ का दर्जा प्राप्त बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सीताराम शर्मा, दो सदस्यों इंदु चोपड़ा, लक्ष्मण पालरिया और उनके साथ वकील सुधीर कांकाणी शामिल हैं।
पाली के सांडेराव थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली पीड़िता की मां ने मजदूरी कर तीन बच्चों की परवरिश करती है। उसने बताया कि सौतेला पिता अपनी 8 साल की बच्ची का दुष्कर्म कर रहा था। दिसंबर, 2020 में बच्ची ने उसे इस बात जानकारी दी। मां ने बेटी का साथ दिया और एफआईआर दर्ज कराई। तब से सौतेला पिता जेल में है। पुलिस फरवरी, 2021 में चार्जशीट पेश कर चुकी है। जनवरी, 2022 में पीड़िता ने कोर्ट में बयान दोहरा दिया। 30 जून को उसे सरकार की ओर से 04 लाख 25 हजार रुपये की सहायता राशि मिली। तभी से पीड़िता से प्राप्त रकम का 10 प्रतिशत कमीशन मांगा जा रहा था।
पीड़िता की मां ने बताया कि आरोपी उससे कमीशन मांग रहे थे। 30 मई 2022 को एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। उसी समय से सीडब्ल्यूसी एंटी करप्शन ब्यूरो के रडार पर थी। एसीबी के डीआईजी सवाई सिंह गोदारा ने बताया एक माह पहले 4.25 लाख की सहायता राशि पीड़िता को मिली। एडवोकेट सुधीर कांकाणी के मार्फत पीड़िता की मां पर कमीशन राशि देने के लिए दबाव बनाया गया। एसीबी के इशारे पर पीड़िता की मां सोमवार को सीडब्ल्यूसी कार्यालय पहुंची। उसने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष सीताराम शर्मा, दो सदस्यों इंदु चोपड़ा, लक्ष्मण पालरिया और वकील सुधीर कांकाणी के सामने टेबल पर लिफाफा रखा, जिसमें 10 हजार रुपये थे। पीड़िता की मां ने कहा कि उसके पास अभी इससे ज्यादा रुपये नहीं हैं। इशारा मिलते ही पाली चौकी के एएसपी नरपत चंद की टीम ने चारों को पकड़ लिया। आरोपियों को मंगलवार को पाली में एसीबी मामले की विशेष अदालत में पेश किया गया।
सरकार ने हर जिले में बाल कल्याण समिति का गठन किया है। इसे न्यायपीठ का दर्जा प्राप्त है। समिति के पास न्यायिक शक्तियां हैं, लेकिन सीडब्ल्यूसी सदस्य से लेकर अध्यक्ष की नियुक्त राजनीतिक होती है। पाली में सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष सीताराम शर्मा पाली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे हैं। एक बार पार्षद रहे, दूसरी बार पत्नी को पार्षद बनाया। कांग्रेस के 2008 से 2013 के कार्यकाल में शर्मा सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष रहे। 2018 में कांग्रेस सरकार आते ही शर्मा को फिर से अध्यक्ष बना दिया गया। सोजत निवासी लक्ष्मण पालरिया को भी दूसरी बार सदस्य बनाया गया। इंदु चौपड़ा जोधपुर की रहने वाली है। वह महिला एवं बाल विकास विभाग से सेवानिवृत्त है।