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SPECIAL STORY: आखिर आशुतोष महाराज के शरीर को जलाने की ऐसी भी क्या जल्दी है? हिंदू धर्म के अनुसार समाधिस्थ के शरीर के साथ छेड़छाड़ नहीं कर सकते । कोर्ट डिसीजन नहीं ले पा रहा शायद इसमें मास इंवॉल्व है। लोगों की आस्था और विश्वास का सवाल है । हर 6 महीने बाद 3 डॉक्टरों की एक टीम बाबा आशुतोष के शरीर की जांच के लिए जाती है। उनका शरीर एक फ्रीजर में जिसका तापमान माइनस 22 डिग्री है में आशुतोष बाबा समाधिस्थ हैं। इस बॉक्स के चारों तरफ उनके लगभग 20 अनुयायी हर वक्त रहते हैं उनमें से कुछ मंत्र जाप तो कुछ योगिक क्रियाएं करते हैं । क्योंकि उनका मानना है कि बाबा कभी भी समाधि से जाग सकते हैं । इस तरह से नूर महल के उस डेरे में एक बहुत अच्छा माहौल बनाया गया है