
काम कर रहा आइडिया
राजगीर की नेचर सफारी में आने वाले सैलानियों को यह तरीका रास आ रहा है। उनके अनुसार वन क्षेत्र को प्लास्टिक फ्री जोन बनाने की यह अनोखी पहल अनुकरणीय है। पर्यावरण के लिए काम करने वाले प्रशांत कुमार ने इस पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि राजगीर शहर को सिंगल यूज प्लास्टरिक फ्री टाउन बनाने की घोषणा पहले भी चार बार की जा चुकी थी, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। पहले से ही जुर्माना लेने के नियम लागू होने के बाद नेचर सफारी ने पहली बार इसे सौ फीसद लागू कर दिखाया है। इसका फायदा देखने को मिल रहा है। इसी तर्ज पर राजगीर शहर को भी प्लास्टिक फ्री जोन बनाने की रणनीति तय होनी चाहिए।
2021 में बना था नेचर सफारी
राजगीर नेचर सफारी देश का पहला ऐसा सफारी है, जहां पांच तरह के वन्य प्राणी के लिए सफारी बने हैं। यहां शेर, बाघ, तेंदुआ, भालू और हिरण की अलग-अलग सफारी बनी हुई है, जो 500 हेक्टेयर में फैला है। राजगीर का नेचर सफारी नालंदा और गया के बीच जेठियन जाने वाले मार्ग में स्वर्ण गिरी और वैभव गिरी पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है। इसकी राजगीर शहर से दूरी लगभग 10 किलोमीटर है। सोन भंडार व जरासंध अखाड़ा से लगभग 8 किलोमीटर है। अधिकांश भू-भाग सोनागिरी तथा वैभारगिरि के बीच है। नेचर सफारी का लोकार्पण 26 मार्च 2021 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किया गया था। नेचर सफारी के साथ यहां पर ग्लास स्काई वॉक ब्रिज भी बना हुआ है। इसके निर्माण में लगभग 20 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।
क्या खास नेचर सफारी में
नेचर सफारी में ग्लास स्काई वॉक ब्रिज, सस्पेंशन ब्रिज, आर्चरी यानी फील्ड तीरंदाजी, शूटिंग रेंज में राइफल से निशानेबाजी, दो पहाड़ियों के बीच 800 मीटर लंबी जिप लाईन है, जिस पर हवा में साइकिल चलाने का रोमांच लिया जा सकता है। स्काई वॉक ग्लास ब्रिज 85 फीट लंबा और 4 फीट चौड़ा है। स्काई वॉक ग्लास ब्रिज और सस्पेंशन ब्रिज नेचर सफारी के प्रवेश द्वार के दाईं ओर वैभारगिरि की दो चोटियां के बीच बनाए गए हैं। इसके इर्द-गिर्द आदि मानव और जनजाति समूह के मुनष्यों की मूर्तियां रखी गई हैं, जो उनके जंगली परिवेश में रहने की झलक देता है। नेचर सफारी के मार्ग में भगवान बुद्ध और उनके चार परम शिष्यों की मूर्तियां भी स्थापित की गई है। ट्री हट हाउस के अलावे होगा मड (खपरैल मिट्टी) हाउस, बांबू (बांस) हट हाउस, वूडेन (लकड़ी) हट हाउस भी हैं। सूबे के सभी जिलों से संबंधित प्रतीक चिन्ह व ऐतिहासिक तथ्यों को बिहार दर्शन की तरह पेश किया गया है। पर्वतारोहण के शौकीन लोगों के लिए रॉक क्लाइंबिंग की भी व्यवस्था है। यहां किराए पर साइकिल मिलती है जिससे पर्यटक साइकिल से पूरे नेचर सफारी में घूम सकते हैं। पर्यटकों को विशिष्ट अनुभव कराने को उन्हें लौटते वक्त उनकी तस्वीर भेंट की जाती है।