
Special Story: Mother of those AIDS affected children who were rejected by their loved ones[/caption]
कुछ यूं शुरू हुआ सफर
मंगल शाह ने तब इन बच्चियों के साथ इन जैसे तमाम बच्चों की देखभाल करने का फैसला किया, जो एचआईवी पॉजीटिव हैं और उनको समाज द्वारा ठुकरा दिया जाता है। उन्होंने ऐसे एचआईवी पॉजीटिव बच्चों के बेहतर जीवन के लिए एक घर, ‘पलावी’ का निर्माण किया। उस दिन से मंगल शाह बच्चों और लोगों के लिए मंगल ताई बन गईं। मंगल शाह का मानना है कि हर एक बच्चा खुश, सुरक्षित, स्वस्थ और शिक्षित होने का हकदार है और ऐसे ही पालवी के ये असहाय बच्चों को भी ये सब अधिकार मिलना चाहिए। इसलिए ‘पलावी’ की टीम यह सुनिश्चित करती है कि यहां हर बच्चे को बुनियादी शिक्षा मिले ताकि वे अपने दम पर खड़े हो सकें। इतना ही नहीं, बल्कि बच्चों को सिलाई, प्लंबिंग और दूसरी स्किल्स भी सिखाई जाती हैं।
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Special Story: Mother of those AIDS affected children who were rejected by their loved ones[/caption]
अब आगे बढ़ रहे बच्चे
‘पलावी’ पिछले कई सालों से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जागरूकता बढ़ा रहा है और अनाथ बच्चों और अन्य एचआईवी/एड्स रोगियों की देखभाल कर रहा है। वर्तमान में 100 से ज्यादा एचआईवी पॉजिटिव बच्चों की देखभाल यहां हो रही है। मंगल शाह ने अपने कई मीडिया इंटरव्यूज में बताया है कि वे अपने केयर होम में बच्चे को प्रोत्साहित करके उन्हें सशक्त बनाने में विश्वास करती हैं। स्थानीय स्तर पर एचआईवी पॉजिटिव बच्चों को औपचारिक शिक्षा हासिल करते देखना एक बहुत बड़ा बदलाव है। पिछले कई सालों में मंगल शाह के यहां से पले-बढे युवा लड़के और लड़कियों ने आजीविका कमाना शुरू किया है और समाज में अपने दम पर एक पहचान बनाई है। एचआईवी/एड्स बच्चों के लिए बेहतर जीवन बनाने के लिए मंगल शाह का समर्पण मानव जाति के लिए आशा की किरण देता है।