
Special Story: Two friends set an example, eco-friendly house made from bottle, cow dung, soil[/caption]
सात लाख रुपये आया खर्च
नमिता और कल्याणी द्वारा इस घर को बनाने के लिए दोनों सहेलियों ने सात लाख रुपये खर्च किये हैं। इस पैसे को उन्हें अपनी बचत से जमा कर रखा था। इसमें उनके परिवार वालों ने भी उनकी सहायता की है। इस ईको-फ्रेंडली घर के बारें में उनका दावा है कि सीमेंट, ईंट से बनने वाले घरों की तुलना में प्लास्टिक, मिट्टी औए गोबर से बनने वाले घरों की लागत आधी है। इस प्रकार के घर को बनाने में खर्च कम आता है क्योंकि सीमेंट औए ईंट से बनने वाले घरों की तुलना में इसमें लागत कम आता है।
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Special Story: Two friends set an example, eco-friendly house made from bottle, cow dung, soil[/caption]
घर का नाम रखा है ‘वावर’
उन्होंने अपने इस घर का नाम “वावर” रखा है जिसका मतलब होता है खेत या खुली जगह जहां लोग आ जा सकते हैं। पहले जो कबाड़ीवाली कहकर उनका मजाक उड़ाते थे अब वह उनके घर को देखकर उनकी तारीफ कर रहे हैं।