Srikant Tyagi Case : गालीबाज त्यागी को जमानत मिलने के बावजूद जेल में मनानी पड़ सकती है दीपावली, जानिए क्या है वजह
Srikant Tyagi
भारत
चेतना मंच
19 Oct 2022 10:01 PM
Srikant Tyagi Case : नोएडा। श्रीकांत त्यागी को वैसे तो गैंगस्टर मामले में बीते सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है। लेकिन, उसके बावजूद भी त्यागी को यह दीपावली जेल में मनानी पड़ सकती है। हालांकि उनके अधिवक्ता उन्हें जल्द से जल्द जेल से रिहा कराने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। बता दें कि श्रीकांत त्यागी बीते लगभग दो महीने से लुक्सर जेल में है। वहीं, उन्हें महिला से बदसलूकी के मामले जिला अदालत से पहले ही जमानत मिल गई थी।
Srikant Tyagi Case :
गौरतलब है कि महिला से बदसलूकी मामले में त्यागी का वीडियो वायरल होने के बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार करने से कतरा रही थी। जिसके चलते यह मामला सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया था। उसके बाद मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की निगरानी के लिए डीजीपी और अपर मुख्य सचिव को लगाया था। उसके बाद शासन के दबाव के चलते पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में बंद श्रीकांत त्यागी को इस मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन गैंगस्टर मामले में उसकी जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी थी। जिसके बाद त्यागी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी। जिस पर बीते सोमवार को हाईकोर्ट ने श्रीकांत त्यागी को गैंगस्टर मामले में भी जमानत दे दी है। लेकिन, उसके बावजूद सम्भावना जताई जा रही है कि त्यागी को यह दीपावली जेल में बितानी पड़ सकती है।
यह हो सकती है वजह
बता दें कि हाईकोर्ट से जमानत मिलने के आदेश त्यागी के अधिवक्ताओं के द्वारा जिला न्यायालय में दाखिल किए गए हैं। जिसमे जिला न्यायालय से 1-1 लाख के दो जमानती मांगे हैं। जिसके बाद त्यागी की तरफ से पेश किए गए जमातियों के कागजातों को न्यायालय द्वारा सत्यापन के लिए भेजा जाता है। ऐसे में जमांतियों के जिला पुलिस प्रशासन और जमानत राशि के तौर पर लगाए गए कागजात के सत्यापन में अभी और अधिक समय लगने की उम्मीद की जा रही है। जबकि आने वाले कुछ रोज के बाद कोर्ट में दीपावली की छुट्टी पड़ सकती हैं। जिसके चलते त्यागी की दीपावली जेल में मनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।
दरअसल, यदि कोर्ट ने श्रीकांत त्यागी की जमानत राशि 30000 तक खोली होती तो वह अब तक रिहा होकर अपने घर पहुंच गया होता। क्योंकि 30000 तक की जमानत राशि के कागजातों का किसी प्रकार का कोई सत्यापन नहीं कराया जाता है।