Srikant Tyagi : पुलिस की गिरफ्त में भी 'मेहमान' की तरह नजर आया श्रीकांत त्यागी

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locationभारत
userRP Raghuvanshi
calendar01 Dec 2025 11:56 PM
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\n\nगिरफ्तारी के बाद नोएडा पुलिस ने श्रीकांत त्यागी को कल सैक्टर-108 स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय के सभागार में मीडिया के सामने पेश किया। इस मौके पर पुलिस आयुक्त आलोक सिंह, संयुक्त आयुक्त कानून व्यवस्था लव कुमार, सहायक आयुक्त अंकिता शर्मा सहित तमाम पुलिस अफसर मौजूद थे। इस संवाददाता सम्मेलन के दौरान वह गुंडा श्रीकांत पूरी हनक में नजर आया। अमूमन पुलिस की अभिरक्षा में जब भी कोई आरोपी मीडिया के सामने पेश होता है तो उसके तेवर ढीले होते है। सत्तारूढ पार्टी के साथ बडे लोगों से उसके संबधों का असर यहां भी देखने को मिला। उसने मास्क तक नहीं हटाया। जब कमिश्नर आलोक सिंह ने माइक बंद करके उसे बोला तो उसने एक सेंकड के लिए मास्क हटाया। यह मामला पुलिस के अफसरों के साथ-साथ आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां से उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया है।\n\nपश्चिमी यूपी और उत्तराखंड को ही क्यों चुना फरारी के लिए\nपुलिस की जांच में एक बात साफ हो गई है कि श्रीकांत त्यागी ने फरारी के लिए दिल्ली के एयरपोर्ट जाने का प्रयास किया लेकिन वीडियो वायरल होने की वजह से उसने अपना रूख पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ की ओर कर लिया। यहां से वह उत्तराखंड के हरिद्वार और कई और इलाकों में भी गया। पुलिस का दावा है कि उसने अपना रूख बागपत की ओर भी किया था।\n\nचेतना मंच को अपने सूत्रों से पता चला है कि श्रीकांत त्यागी के पक्ष में मेरठ के त्यागी हास्टल में कई मीटिंग समाज के युवाओं की हुई। यहां से हुक्म मिलने के बाद ही एक दर्जन युवाओं ने नोएडा की ओमेक्स ग्रांड सोसायटी का रूख किया। श्रीकांत त्यागी मोदीनगर से विधानसभा का चुनाव लडना चाहता था। यहां इसने मोदी मिल की कुछ प्रोपर्टी पर कब्जा कर रखा था जिसकी वजह से इसका टिकट नहीं हुआ। यहां डाक्टर मंजू सिवाच ने भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर 2022 का विधानसभा चुनाव लडा और जीत दर्ज कराई। डाक्टर सिवाच यहां से दूसरी बार विधायक है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में त्यागी समाज का खासा प्रभाव है। अश्वनी त्यागी भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे है जिसमें वह सारे जिले आते है कि जहां श्रीकांत ने फरारी काटी।","image":{"@type":"ImageObject","@id":"https://ik.imagekit.io/chetnamanch/uploads/2022/08/IMG-20220809-WA0006.jpg","url":"https://ik.imagekit.io/chetnamanch/uploads/2022/08/IMG-20220809-WA0006.jpg","width":1280,"height":720},"author":{"@type":"Person","name":"RP Raghuvanshi","url":"https://chetnamanch.com/team"},"publisher":{"@type":"Organization","name":"Chetna Manch","url":"https://chetnamanch.com/","logo":{"@type":"ImageObject","url":"https://ik.imagekit.io/chetnamanch/logo/2026/chetna_manch.webp?updatedAt=1771315577826","width":600,"height":60}},"datePublished":"2022-08-10T17:43:16+05:30","dateModified":"2025-12-01T23:56:00+05:30","inLanguage":"hi","keywords":[],"articleSection":"दृष्टिकोण"}
चेतना दृष्टि
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