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Karnataka Politics: सिद्धारमैया ने कर्नाटक के राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफा सौंपा। राज्यपाल थावरचंद गहलोत, जो राज्य से बाहर हैं, आज रात लौट रहे हैं।

Karnataka Politics: सिद्धारमैया ने 28 मई को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कहा कि ऐसा उन्होंने कांग्रेस आलाकमान के निर्दश पर किया। उन्होंने यह भी कहा हिक उनकी केंद्र की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है।
सिद्धारमैया ने कर्नाटक के राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफा सौंपा। राज्यपाल थावरचंद गहलोत, जो राज्य से बाहर हैं, आज रात लौट रहे हैं।
इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस नेता ने कहा, "मैंने पार्टी आलाकमान के सुझाव पर अपना इस्तीफ़ा दे दिया है। मैंने पार्टी आलाकमान से कह दिया है कि मैं राज्यसभा नहीं जाना चाहता। मैं अपनी आखिरी सांस तक कर्नाटक की राजनीति में ही रहूंगा।"
'हमारे पास स्पष्ट बहुमत'
उन्होंने दावा किया कि राज्य में कांग्रेस पार्टी को स्पष्ट बहुमत हासिल है और संवैधानिक दृष्टि से अब अगले मुख्यमंत्री को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाना चाहिए।
'मेरी पत्नी पर भी झूठे आरोप लगाए गए'
सिद्धारमैया ने कहा, "सिर्फ़ मैं ही नहीं, मेरा परिवार भी राजनीतिक द्वेष का शिकार बना। मेरे राजनीतिक विरोधियों ने मेरी पत्नी पर भी झूठे आरोप लगाए—जो राजनीति से पूरी तरह दूर रहीं और खुद को सिर्फ़ परिवार की देखभाल और परवरिश तक ही सीमित रखा—और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। यह सब झेलते हुए मेरा मन इतना आहत हुआ कि मैंने राजनीति से संन्यास लेने का विचार कर लिया था। लेकिन मेरी अंतरात्मा ने मुझे चेताया कि मैं दुश्मनों के हमलों से डरकर मैदान छोड़कर भागने वाला न बनूं, और न ही जनसेवा के मार्ग से पीछे हटूं। मैंने अन्याय के विरुद्ध न्याय की लड़ाई जारी रखी और आरोपों के कलंक को मिटाकर खुद को दोषमुक्त किया।"
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