भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और सेंसेक्स व निफ्टी एक बार फिर लाल निशान में फिसलते नजर आए। निवेशकों के लिए यह दौर नुकसान भरा साबित हो रहा है क्योंकि पिछले चार दिनों में ही उनके करीब 13 लाख करोड़ रुपये डूब गए हैं।

सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स में करीब 180 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी 50 भी कमजोर हुआ और ट्रेडिंग के शुरुआती घंटे में दोनों ही सूचकांकों में सुस्ती देखी गई। इससे पहले सोमवार को सेंसेक्स 572 अंक टूटकर 80,891.02 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी में 156 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,680.90 पर बंद हुआ। भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर अनिश्चितता और कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों के चलते बाजार में घबराहट बढ़ गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार की मौजूदा गिरावट के पीछे कई वजहें हैं। अमेरिका और भारत के बीच व्यापार वार्ता को लेकर चिंता, कई बड़ी कंपनियों के उम्मीद से कमजोर तिमाही नतीजे, ग्लोबल टैरिफ और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता। इन सब वजहों से निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा है और वे जोखिम लेने से बच रहे हैं।
लगातार गिरावट ने छोटे और मध्यम निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ दिनों में अगर वैश्विक और घरेलू संकेतक नहीं सुधरे, तो गिरावट का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।