
Stock Market : भारत का शेयर बाजार बीते तीन दशकों में कई बार उथल-पुथल से गुज़रा है। कुछ घटनाएं ऐसी रहीं, जब एक ही दिन में निवेशकों के लाखों करोड़ों नहीं, बल्कि लाखों करोड़ रुपए डूब गए। चाहे वह 1992 का हर्षद मेहता घोटाला हो या 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का असर—हर बार शेयर बाजार ने करोड़ों निवेशकों को झकझोर कर रख दिया।
आइए नज़र डालते हैं उन प्रमुख मौकों पर, जब शेयर बाजार में आई बड़ी गिरावटों ने निवेशकों को कंगाल बना दिया:
तारीख: 29 अप्रैल 1992
गिरावट: सेंसेक्स 570 अंक (12.77%)
घोटाले की वजह: बैंकों से 1,000 करोड़ की हेराफेरी कर हर्षद मेहता ने बाजार को किया प्रभावित
प्रभाव: 4,000 करोड़ से अधिक का नुकसान, निवेशकों में दहशत
नतीजा: SEBI का गठन हुआ ताकि भविष्य में ऐसे घोटालों को रोका जा सके
अवधि: जनवरी 2008 – मार्च 2009
गिरावट: सेंसेक्स 21,206 से गिरकर 8,160 (61.5%)
सबसे खराब दिन: 21 जनवरी 2008 को 1,408 अंक (7.4%)
कारण: लेहमैन ब्रदर्स का पतन और वैश्विक मंदी
नुकसान: खरबों डॉलर की संपत्ति स्वाहा, लेकिन भारतीय बैंक स्थिर रहे
तारीख: 24 अगस्त 2015
गिरावट: सेंसेक्स 1,624 अंक (5.94%)
कारण: चीन की मुद्रा युआन में गिरावट और वैश्विक अनिश्चितता
प्रभाव: एक ही दिन में ₹7 लाख करोड़ का नुकसान
तारीख: 9 नवंबर 2016
गिरावट: सेंसेक्स 1,689 अंक (6.12%), निफ्टी 541 अंक (6.33%)
कारण: ₹500 और ₹1000 के नोटों का बंद होना
प्रभाव: बाजार पूंजी में 3-4 लाख करोड़ की गिरावट, रियल एस्टेट और अन्य सेक्टर बुरी तरह प्रभावित
तारीख: 23 मार्च 2020
गिरावट: सेंसेक्स 3,935 अंक (13.15%), निफ्टी 1,135 अंक (13%)
कारण: लॉकडाउन और आर्थिक गतिविधियों का रुक जाना
नुकसान: सिर्फ एक दिन में 14.22 लाख करोड़ का नुकसान निवेशकों को
तारीख: 4 जून 2024
गिरावट: सेंसेक्स 4,389 अंक (5.22%), निफ्टी 1,419 अंक (6.10%)
कारण: NDA को उम्मीद से कम बहुमत, राजनीतिक अनिश्चितता
प्रभाव: 31 लाख करोड़ रुपए की बाजार पूंजी एक ही दिन में डूबी Stock Market :