Healthy Tips- प्रेग्नेंसी में जरूरी है स्ट्रेंचिंग एक्सरसाइज
भारत
सुप्रिया श्रीवास्तव
19 Oct 2021 06:13 AM
प्रेग्नेसी हर महिला के लिए काफी स्पेशल होती है। इस दौरान महिलाओं में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। शरीर में हॉर्मोनल बदलाव के साथ शारीरिक बदलाव भी नजर आते हैं। इस दौरान पैरों में सूजन हो जाती है, पीठ में दर्द होने जैसी आदि दिक्कतें होने लगती है । इन सभी परेशानियों के लिए महिलाओं को गर्भावस्था में स्ट्रेचिंग करना मां और होने वाले बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होता है। स्ट्रेचिंग करने से गर्भावस्था के दौरान आपकी मसल्स रिलैक्स होती हैं। आइए जानते हैं प्रेग्नेंसी में कौन सी एक्सरसाइज करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। आईये जानते हैं गायिनोलॉजिस्ट डॉ. चंचल शर्मा से...
कंधों की स्ट्रेचिंग
कंधों की स्ट्रेचिंग को आप दिन में कई बार कर सकते हैं। इससे अपर बॉडी पॉर्ट में आपको गर्भवस्था के दौरान आराम मिलेगा और मसल्स में पेन नहीं होगा।
ऐसे करें
कंधों की स्ट्रेचिंग को आप दिन में कई बार कर सकते हैं। इससे अपर बॉडी पॉर्ट में आपको गर्भवस्था के दौरान आराम मिलेगा और मसल्स में पेन नहीं होगा। एक कुर्सी में आराम से बैठ जाएं और सीने को बाहर की ओर करते हुए अपने कंधों को पीछे व नीचे की तरफ घुमाएं। कंधे घुमाते समय आप जितना बड़ा हो सके उतना बड़ा सर्कल बनाएं और इसे 4 से 5 बार दोहराएं।
रोल डाउन
रोल डाउन स्ट्रेचिंग करने में बेहद आसान है, इसे करने से पैर और कमर के नीचे की मसल्स को गर्भवस्था में आराम मिलेगा। दरअसल गर्भावस्था में जैसे-जैसे गर्भस्थ शिशु का भार बढ़ता जाता है, होने वाली मां को असहज महसूस होता है और हड्डियों में दर्द उठता है, उनके लिए इस तरह की स्ट्रेचिंग फायदेमंद है।
ऐसे करें
सबसे पहले आप दीवार के सहारे खड़ी हो जाएं और अपने पैरों को कंधों के बराबर दूरी पर रखें। अपने घुटनों को हल्का सा झुकाएं और सांस लें।
सांस छोड़ें और अपने शरीर के ऊपरी भाग को मोड़ते हुए नीचे की ओर झुकें। आगे की ओर उतना ही झुकें जितना आपके लिए आसान हो।
इस दौरान अपने वजन को दोनों पैरों पर डालें और हाथों को अपने सामने जमीन की ओर ही रखें।
सांस लें और सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे दीवार के सहारे खड़ी हो जाएं।
इसे दो बार दोहराएं। यदि आपका पेट बहुत ज्यादा बढ़ चुका है तो आप इस एक्सरसाइज को कुर्सी पर बैठ कर भी कर सकती हैं।
गर्दन की स्ट्रेचिंग
गर्भवस्था में गर्दन की स्ट्रेचिंग करने से गर्दन की मांसपेशियां स्ट्रेच हो जाएंगी और आपको दर्द नहीं होगा।
ऐसे करें
आप बैठकर या खड़ी होकर अपने सिर को थोड़ा सा आगे की ओर लाएं और एक साइड पर धीरे-धीरे झुकाएं।
अब आप उसी साइड के हाथ से अपने सिर को पीछे से पकड़ें और हल्का सा दबाव डालें।
यदि अपने सिर को झुकाते हुए ऐसा करती हैं तो इससे आपकी गर्दन की मांसपेशियां स्ट्रेच हो जाएंगी और सीधी रहेंगी।
कमर की स्ट्रेचिंग
कमर की स्ट्रेचिंग गर्भवस्था में बेहद फायदेमंद है, इससे आपको कमर व पीठ के दर्द से राहत मिलेगी। आप कमर की स्ट्रेचिंग के दौरान ज्यादा झुकने से बचें, क्योंकि ऐसा करने से नस खिंच सकती है।
ऐसे करें
पहले अपने पैरों को थोड़ा दूर करके खड़ी हो जाएं और अपने घुटनों को हल्का सा मोड़ें।
अब अपने दोनों हाथों को दाएं तरफ कंधे के बराबर लाएं और साथ ही बाएं कंधे को देखें। कुछ मिनट के लिए इस पोजीशन में खड़ी रहें।
फिर धीरे से पीछे जाएं और इसे दूसरी तरफ से करें।
इस स्ट्रेचिंग को आप दिन भर में कई बार कर सकती हैं।
हैमस्ट्रिंग स्ट्रेचिंग
हैमस्ट्रिंग स्ट्रेचिंग से बॉडी की मांसपेशियों में लचीलापन आएगा और आपको रिलैक्स महसूस होगा। हैमस्ट्रिंग करने से गर्भावस्था के दौरान थाइज की मसल्स को आराम मिलेगा।
ऐसे करें
अपने एक पैर को सामने की ओर एक कुर्सी पर जितना हो सके उतना सीधा रखें।
धीरे-धीरे करके आगे की ओर जितना हो सके उतना झुकें ताकि आपकी जांघ के पिछले हिस्से में खिंचाव आए।
यदि कुर्सी में आपको असुविधा होती है तो आप सबसे नीचे वाली सीढ़ी या कम हाइट की किसी चीज पर अपना पैर रख सकती हैं।
नोट- इन सभी स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से पूर्व किसी अच्छे योगा शिक्षक या अपनी गायनि से पूछ कर ही करना चाहिए। क्योंकि गर्भवस्था बहुत ही नाजुक अवस्था होती है। ऐसे में थोडी सी लपरवाही आपको परेशानी में डाल सकती है। इसलिए स्ट्रेचिंग करने से पूर्व अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।