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उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना से सबक लेते हुए उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में मंदिर की व्यवस्था और चढ़ावे की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं।

Mansa Devi Temple : उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना से सबक लेते हुए उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में मंदिर की व्यवस्था और चढ़ावे की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। मंदिर ट्रस्ट ने पुजारियों और कर्मचारियों के लिए कई सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब मंदिर में सेवा देने वाले लोग न तो कुर्ते-पायजामे की जेब का इस्तेमाल कर सकेंगे और न ही अपने साथ कोई थैला लेकर प्रवेश कर पाएंगे। यह फैसला मंदिर में चढ़ावे और अन्य सामग्री के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से लिया गया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की आस्था और मंदिर की पवित्रता बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
Mansa Devi Temple
मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत डॉ. रविंद्र पुरी महाराज ने सभी पुजारियों और कर्मचारियों को शुचिता बनाए रखने की शपथ दिलाई। उन्होंने साफ कहा कि मंदिर की संपत्ति, दान और चढ़ावे का किसी भी तरह निजी उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई कर्मचारी या पुजारी मंदिर की सामग्री या चढ़ावे से जुड़ी किसी भी तरह की अनियमितता में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें मंदिर सेवा से हटाने के साथ कानूनी कार्रवाई भी शामिल होगी। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। मंदिर परिसर की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी और कैमरों को मुख्य कार्यालय सहित संबंधित अधिकारियों से जोड़ा जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के चढ़ावे और धार्मिक सामग्री का सही तरीके से प्रबंधन हो सके।
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नए नियमों के तहत मंदिर में चढ़ाए गए नारियल, प्रसाद और अन्य धार्मिक सामग्री के दोबारा इस्तेमाल या बिक्री पर भी रोक लगाई गई है। मंदिर प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि चढ़ावे से जुड़ी हर प्रक्रिया तय व्यवस्था के अनुसार होगी और इसमें किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और नियमों के पालन की निगरानी के लिए सात सदस्यों की एक समिति भी गठित की गई है। यह समिति मंदिर की व्यवस्थाओं पर नजर रखेगी और किसी भी शिकायत या गड़बड़ी की जांच करेगी। महंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि मनसा देवी मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मंदिर की गरिमा और विश्वास को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मंदिर में किसी भी तरह की चोरी, लापरवाही या चढ़ावे के दुरुपयोग को स्वीकार नहीं किया जाएगा। नए नियमों का उद्देश्य मंदिर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है।
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