यूपी के इस शहर को यूं ही नहीं कहते 'शुगर का किंग', दुनियाभर में फैला रहा मिठास
भारत
चेतना मंच
05 Aug 2025 06:32 PM
Sugar Bowl : भारत, जो कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है, आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर प्रदेश के एक जिले को चीनी का कटोरा कहा जाता है? यह कोई साधारण उपाधि नहीं है। यह दर्जा उस जिले को मिला है जो पूरे प्रदेश में सबसे ज्यादा चीनी का उत्पादन करता है।
गन्ना उत्पादन और चीनी मिलों के लिए देशभर में मशहूर
उत्तर प्रदेश का यह जिला है लखीमपुर खीरी। यूपी के तराई क्षेत्र में स्थित एक समृद्ध और हराभरा इलाका, जो गन्ना उत्पादन और चीनी मिलों के लिए देशभर में मशहूर है। इस जिले लखीमपुर खीरी को 'चीनी का कटोरा कहा जाता है। यह जिला उत्तर प्रदेश ही नहीं पूरे भारत में सबसे ज्यादा चीनी का उत्पादन करता है। उत्तर प्रदेश के कुल 75 जिलों में लखीमपुर खीरी की एक अलग पहचान है। यहां गन्ने की भरपूर पैदावार होती है और इसी वजह से इस जिले में 9 प्रमुख चीनी मिलें स्थापित हैं, जो हजारों टन गन्ने को प्रोसेस कर रोजाना चीनी तैयार करती हैं।
यूपी बनाम महाराष्ट्र: चीनी उत्पादन की होड़
ये चीनी मिलें न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करती हैं, बल्कि लाखों किसानों को रोजगार भी देती हैं। लखीमपुर खीरी का शुगर इंडस्ट्री में योगदान इतना अहम है कि इसे न केवल यूपी बल्कि देश के शुगर हब के तौर पर भी देखा जाने लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2022-23 के चीनी सीजन में उत्तर प्रदेश ने 107.29 लाख टन चीनी का उत्पादन किया, जबकि महाराष्ट्र 105.30 लाख टन के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इस आंकड़े में लखीमपुर खीरी की भूमिका काफी निर्णायक रही।
लखीमपुर खीरी : किसान, चीनी मिल और अर्थव्यवस्था का ट्रायएंगल
यहां के किसान मुख्य रूप से गन्ना ही उगाते हैं। चीनी मिलें सीधे किसानों से गन्ना खरीदती हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य भी मिलता है और गारंटी भी। यही कारण है कि यह जिला कृषि-औद्योगिक मॉडल का सफल उदाहरण बन चुका है। लखीमपुर खीरी सिर्फ गन्ने की खेती के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी चीनी मिलों और उत्पादन क्षमता के चलते देश और दुनिया में एक विशिष्ट पहचान रखता है। यही वजह है कि इसे 'किंग आॅफ शुगर' कहना एकदम सही है। क्योंकि यह जिला सचमुच भारत की मिठास का सबसे मजबूत स्रोत है।