गन्ना किसानों के लिए एक प्रस्ताव, जिससे पूरे प्रदेश पर पड़ेगा असर
Sugarcane Farmer
भारत
चेतना मंच
17 Apr 2025 06:41 PM
Sugarcane Farmer : महाराष्ट्र में गन्ना किसानों के लिए उचित और पारिश्रमिक मूल्य (FRP) भुगतान प्रणाली से संबंधित है। 2022 में महाराष्ट्र सरकार ने एक सरकारी प्रस्ताव (GR) जारी किया, जिसमें गन्ना किसानों को दो किश्तों में FRP भुगतान की व्यवस्था की गई थी। इस प्रस्ताव के अनुसार, पहली किश्त गन्ना आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर और दूसरी किश्त पेराई सत्र समाप्त होने के 15 दिनों के भीतर भुगतान की जानी थी।
इस व्यवस्था का किसान संगठनों ने किया विरोध
हालांकि, किसानों और किसान संगठनों ने इस व्यवस्था का विरोध किया, यह तर्क देते हुए कि यह केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित चीनी (नियंत्रण) आदेश, 1966 का उल्लंघन है, जो गन्ना आपूर्ति के 14 दिनों के भीतर पूर्ण भुगतान का प्रावधान करता है। स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता राजू शेट्टी ने इस प्रस्ताव के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
कोर्ट ने इस प्रस्ताव को असंवैधानिक घोषित करते हुए रद कर दिया
मार्च 2025 में, बॉम्बे हाई कोर्ट ने इस सरकारी प्रस्ताव को असंवैधानिक और अवैध घोषित करते हुए रद कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि गन्ना किसानों को पेराई सत्र की शुरुआत में ही केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एफआरपी के अनुसार भुगतान मिलना चाहिए, और इसमें कोई देरी नहीं होनी चाहिए। इस निर्णय के अनुसार, महाराष्ट्र की चीनी मिलों को अब गन्ना किसानों को एकमुश्त भुगतान करना होगा, और दो किश्तों में भुगतान की पूर्व व्यवस्था को समाप्त करना होगा। यह फैसला किसानों के अधिकारों की रक्षा और उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।