
इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में की थी। इसका उद्देश्य बालिकाओं के लिए एक ऐसी बचत योजना शुरू करना था, जिससे उनके भविष्य को वित्तीय रूप से सशक्त किया जा सके। योजना की शुरुआत हरियाणा के पानीपत से हुई थी, और यह जल्द ही पूरे देश में फैल गई। सुकन्या समृद्धि योजना का मुख्य उद्देश्य बच्चों की शिक्षा, विवाह और अन्य जीवनदायिनी खर्चों के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय वित्तीय आधार तैयार करना है।
बिहार में इस योजना (Sukanya Samriddhi Scheme) के तहत अब तक 22.62 लाख खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों में 10,801 करोड़ रुपये जमा हैं, जो कि राज्य में योजना की सफलता को साबित करते हैं। बिहार में इन खातों में से 18.37 लाख खाते डाकघरों में हैं, जबकि 4.24 लाख खाते बैंकों में खोले गए हैं। योजना के तहत बालिकाओं के नाम पर खोले गए इन खातों में रक्षात्मक बचत की सुविधा प्रदान की जाती है, जो उनके भविष्य के लिए उपयोगी होती है।
सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Scheme) न केवल बिहार में बल्कि पूरे देश में लोकप्रिय रही है। उत्तर प्रदेश इस योजना के तहत सबसे अधिक खातों के साथ शीर्ष पर है, जहां 46.46 लाख खाते खोले गए हैं। यह योजना शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में प्रभावी रूप से कार्य कर रही है।
फरवरी 2025 तक, सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Scheme) के तहत देशभर में 4.2 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं और इन खातों में 2.73 लाख करोड़ रुपये जमा हैं। यह योजना बालिकाओं के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिससे उन्हें आर्थिक स्वतंत्रता और बेहतर जीवन की दिशा मिल रही है। Sukanya Samriddhi Scheme :