'राष्ट्रपति मुर्मू ने औषधीय खेती को बताया किसानों के लिए 'आय का मंत्र'

पर्यावरण के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने जंगलों में लगी आग और अंधाधुंध कटाई के कारण औषधीय पौधों के नष्ट होने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमारे बहुमूल्य जड़ी-बूटियों का खजाना तेजी से खत्म हो रहा है।

Draupadi Murmu Inaugurated National Health Fair In Shegaon
शेगांव में 'नेशनल आरोग्य मेला 2026' का भव्य उद्घाटन (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar25 Feb 2026 06:02 PM
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Draupadi Murmu at the National Health Fair in Shegaon : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में चार दिवसीय 'नेशनल आरोग्य मेला 2026' का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के नागरिकों के स्वास्थ्य और किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए औषधीय खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।

किसानों की आय और मिट्टी का स्वास्थ्य दोनों का ध्यान रखेगी औषधीय खेती

राष्ट्रपति मुर्मू ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव होते हैं। उन्होंने किसानों से औषधीय पौधों की खेती को अपनाने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि यह न केवल उनकी आय बढ़ाने का जरिया बनेगी, बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगी। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि तकनीकों के संगम को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने वाला माध्यम बताया।

निवारक स्वास्थ्य देखभाल पर दिया जोर

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने जीवनशैली पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज तनाव मुक्त और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपना रही है। उन्होंने निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इलाज से बेहतर बचाव है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और अच्छी जीवनशैली ही अच्छे स्वास्थ्य की आधारशिला हैं।

लुप्त होते औषधीय पौधों पर चिंता व्यक्त की

पर्यावरण के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने जंगलों में लगी आग और अंधाधुंध कटाई के कारण औषधीय पौधों के नष्ट होने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमारे बहुमूल्य जड़ी-बूटियों का खजाना तेजी से खत्म हो रहा है। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि इन पौधों को संरक्षित करने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है और इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।

दिग्गजों ने किया समारोह में पहुंच

इस उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह चार दिवसीय आयोजन आयुष प्रणालियों के माध्यम से आम जनता को निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक करने के लिए समर्पित है। Draupadi Murmu at the National Health Fair in Shegaon

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बिना नींव के खड़ा है यह विश्व प्रसिद्ध महल, जानें इंजीनियरिंग का राज

हवा महल का निर्माण सन् 1799 में जयपुर के शासक महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था। प्रसिद्ध वास्तुकार लाल चंद उस्ताद ने इसकी डिजाइन तैयार की थी। राजस्थानी और मुगल स्थापत्य शैली के सुंदर मिश्रण से बना यह महल लाल और गुलाबी बलुआ पत्थरों से निर्मित है।

World famous palace
बिना नींव के खड़ी इमारत की दास्तां (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar25 Feb 2026 04:17 PM
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World Famous Palace India : भारत अपने इतिहास, संस्कृति और कला के लिए विश्व प्रसिद्ध है, लेकिन राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर में एक ऐसी इमारत स्थित है, जो अपनी अनोखी बनावट के कारण पूरी दुनिया में चर्चा में रहती है। हम बात कर रहे हैं जयपुर के बीचों-बीच खड़े ‘हवा महल’ की, जिसे दुनिया की सबसे अनोखी इमारतों में गिना जाता है। इस महल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पारंपरिक गहरी नींव के बिना बनाया गया है, फिर भी यह सदियों से दृढ़ता से खड़ा है।

1799 में हुआ था निर्माण

हवा महल का निर्माण सन् 1799 में जयपुर के शासक महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने करवाया था। प्रसिद्ध वास्तुकार लाल चंद उस्ताद ने इसकी डिजाइन तैयार की थी। राजस्थानी और मुगल स्थापत्य शैली के सुंदर मिश्रण से बना यह महल लाल और गुलाबी बलुआ पत्थरों से निर्मित है। बाहर से देखने पर यह महल एक विशाल मधुमक्खी के छत्ते जैसा प्रतीत होता है।

पर्दा प्रथा के कारण बनाया गया था महल

कई लोगों को लगता है कि हवा महल का निर्माण शाही निवास के रूप में हुआ था, लेकिन ऐसा नहीं है। इतिहासकारों के अनुसार, उस दौरान राजघराने की महिलाएं कठोर पर्दा प्रथा का पालन करती थीं। वे सार्वजनिक समारोहों या बाजारों में सीधे तौर पर नहीं जा सकती थीं। इसलिए इस महल का निर्माण विशेष रूप से रानियों और उनकी दासियों के लिए कराया गया, ताकि वे झरोखों के माध्यम से बिना किसी की नजर में आए नीचे चल रहे जुलूस, त्योहार और शहर का नजारा देख सकें।

953 झरोखों का विशेष वास्तुकला

हवा महल में कुल 953 छोटे-छोटे झरोखे (खिड़कियां) हैं, जो इसकी खूबसूरती को चार चाँद लगाते हैं। इन झरोखों का निर्माण सिर्फ सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि वातावरण को ठंडा रखने के लिए किया गया था। वास्तुकला के ‘वेंचुरी प्रभाव’ (Venturi Effect) के आधार पर, जब हवा इन संकरे झरोखों से गुजरती है, तो उसकी गति बढ़ जाती है और महल के अंदर ठंडक बनी रहती है। इसी कारण इसे ‘पैलेस ऑफ विंड्स’ यानी हवाओं का महल भी कहा जाता है।

सीढ़ियों के बजाय बने रैंप

यह पांच मंजिला इमारत कई मायनों में अनूठी है। यहां ऊपर जाने के लिए सामान्य सीढ़ियां नहीं हैं, बल्कि ढलान वाले रास्ते (रैंप) बनाए गए हैं। माना जाता है कि रानियां भारी घाघरा पहनती थीं, ऐसे में सीढ़ियों से चलना मुश्किल था, इसलिए रैंप का निर्माण किया गया। महल के अंदर गोवर्धन मंदिर, प्रकाश मंदिर और हवा मंदिर सहित तीन मंदिर भी स्थित हैं।

कैसे खड़ी है बिना नींव के इमारत?

हवा महल की सबसे बड़ी तकनीकी विशेषता इसकी संरचनात्मक मजबूती है। इंजीनियरिंग के नजरिए से इसकी बनावट पिरामिड जैसी है। ऊपर की मंजिलें धीरे-धीरे पतली होती जाती हैं, जिससे पूरे भार का बोझ नीचे बराबर बंट जाता है। महल लगभग 87 डिग्री के झुकाव पर बना है, लेकिन घनी दीवारों और खंभों के कारण इसका संतुलन बना रहता है। 18वीं सदी में बिना आधुनिक मशीनों के इतनी बड़ी इमारत को गहरी नींव के बिना खड़ा करना वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है।

पर्यटन का प्रमुख केंद्र

बहुत कम लोगों को पता है कि हवा महल असल में ‘सिटी पैलेस’ का ही एक हिस्सा है और पहले इसका प्रवेश द्वार अलग से नहीं था। आज यह महल जयपुर की पहचान बन चुका है। अपनी अनोखी कहानी और शानदार वास्तुकला के कारण देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसे देखने आते हैं। World Famous Palace India

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विजिलेंस की टीम ने खनन अधिकारी के ठिकानों पर की छापेमारी, 4 करोड़ से अधिक कीं नकदी बरामद

भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा विजिलेंस की टीम ने एक वरिष्ठ खनन अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। यह कार्रवाई राज्य की राजधानी भुवनेश्वर में की गई।

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खनन अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Feb 2026 01:30 PM
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Vigilance Raid : ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ओडिशा विजिलेंस की टीम ने एक वरिष्ठ खनन अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी बरामद की है। यह कार्रवाई राज्य की राजधानी भुवनेश्वर में की गई। जानकारी के मुताबिक, माइंस विभाग के डिप्टी डायरेक्टर देबब्रत मोहंती को कथित तौर पर 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और अधिकारी को हिरासत में ले लिया।

फ्लैट और अन्य ठिकानों की तलाशी ली गई

गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनके फ्लैट और अन्य ठिकानों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान ट्रॉली बैग, सूटकेस और अलमारियों में छिपाकर रखी गई करीब 4 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई। इसके अलावा कुछ सोना और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इतनी बड़ी मात्रा में कैश की बरामदगी राज्य में अब तक की सबसे बड़ी जब्ती में से एक है।

संपत्तियों के स्रोत की जांच की जा रही

पूरे मामले में भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और संपत्तियों के स्रोत की जांच की जा रही है। विजिलेंस विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि अधिकारी ने यह धन किस तरह अर्जित किया और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। यह कार्रवाई ओडिशा में चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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