
Sunita Arvind Kejriwal : दिल्ली के राजनीतिक हलकों से एक बड़ी खबर आ रही है। खबर यह है कि यदि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार हो गए तो दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री सुनीता बनेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का दावा है कि अरविंद केजरीवाल गिरफ्तार होते ही अपने पद से त्यागपत्र दे देंगे। ऐसे में आम आदमी पार्टी मुख्यमंत्री के तौर पर सुनीता को आगे लाएगी और उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिला दी जाएगी।
आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल के गिरफ्तार हो जाने की स्थिति में दिल्ली के अगले मुख्यमंत्री के रुप में सुनीता का नाम चल रहा है। सुनीता कोई और नहीं अरविंद केजरीवाल की पत्नी है। अरविंद केजरीवाल की तरह से ही सुनीता केजरीवाल भी भारतीय रैवेन्यू सर्विस (IRS) की अधिकारी रही है। अब से लगभग 7 वर्ष पूर्व वर्ष 2016 में सुनीता केजरीवाल ने आईआरएस का पद स्वैच्छा से छोड़ दिया था। यानि उन्होंने आईआरएस की सेवा से वालियंटर रिटायरमेंट ले लिया था। स्वैच्छा से पद छोड़ते समय सुनीता केजरीवाल 22 वर्ष की नौकरी पूरी कर चुकी थी। वालियंटर रिटायरमेंट के समय सुनीता केजरीवाल दिल्ली के आयकर विभाग में अपीलीय ट्रिब्यूनल (ITAT) में कमिश्नर आफ इनकम टैक्स के पद पर तैनात थी। 15 जुलाई 2016 से उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानि वालियंटर रिटायरमेंट प्रभावी हुआ था।
जाहिरा तौर पर आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल परिवारवाद का पुरजोर विरोध करते रहे हैं। उने इस विरोध के बावजूद उनकी IRS पत्नी सुनीता केजरीवाल अपने पति के चुनाव में हमेशा सक्रिय रही हैं। उन्होंने दिल्ली में वर्ष 2013, 2015 तथा वर्ष 2022 में अरविंद केजरीवाल के लिए खुलकर वोट मांगते हुए देखा गया था।
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल के विरुद्ध भी केस चल चुका है। भाजपा नेता हरीश खुराना की शिकायत पर सुनीता केजरीवाल के विरुद्ध दो विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची में नाम होने का केस चला था। आरोप था कि सुनीता केजरीवाल का नाम यूपी की साहिबाबाद तथा दिल्ली की चांदनी चौक विधानसभा सीटों की मतदाता सूची में है। बाद में यह मामला रफा दफा हो गया था।