सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की मांग स्वीकार करते हुए दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों से जुड़ी याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। जानिए दिल्ली प्रदर्शन मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने कौन-कौन से सवाल हैं और एसआईआर विवाद ने राष्ट्रीय राजनीति में क्यों अहम स्थान बना लिया है।
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National News : भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट में अहम कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है। दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों, मेट्रो और रेल सेवाओं पर पाबंदियों, प्रदर्शनकारियों की हिरासत और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े मामलों पर शीर्ष अदालत में सुनवाई होनी है। केंद्र सरकार ने संबंधित याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब इन मामलों पर 15 अक्टूबर को एक साथ सुनवाई प्रस्तावित है। National News
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों की आपत्तियों के बीच यह मामला राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में है। राहुल गांधी सहित विपक्ष के 11 नेताओं की ओर से चुनाव आयोग की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका भी इन मामलों में शामिल बताई गई है। याचिका में एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाने और चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठाए गए हैं। National News
सुप्रीम कोर्ट के सामने दिल्ली में मेट्रो और रेल सेवाओं पर प्रतिबंध, सार्वजनिक आवाजाही तथा पहले जारी निर्देशों के कथित उल्लंघन से जुड़े सवाल भी हैं। याचिकाकर्ताओं ने अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्रवाई की मांग की है। अदालत इन मुद्दों पर संबंधित पक्षों का जवाब सुन सकती है। National News
दिल्ली पुलिस के उस फैसले को भी चुनौती दी गई है, जिसके तहत जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में सूची से हटाने और अन्य स्थानों पर प्रदर्शन करने की व्यवस्था का मुद्दा उठा। याचिकाकर्ताओं की दलील है कि प्रदर्शन स्थल तय करने और लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने के मामलों में नागरिक अधिकारों का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस मामले में प्रशासन का पक्ष भी सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण रहेगा। National News
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल और अन्य वकीलों ने याचिकाओं के व्यापक दायरे का हवाला देते हुए जवाब और हलफनामे दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा। दिए गए विवरण के मुताबिक, अदालत ने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को जवाब तथा अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए गुरुवार तक का समय दिया है। National News
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