BCCI: सुप्रीम कोर्ट की तरफ से बीसीसीआई को संविधान संशोधन की मिली मंजूरी, पदाधिकारी बने रहेंगे जय शाह और गांगुली
भारत
चेतना मंच
14 Sep 2022 11:25 PM
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह पद बरकरार रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से BCCI को अपने संविधान में बदलाव की अनुमति भी मिल चुकी है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कूलिंग ऑफ पीरियड को लेकर मंगलवार को जानकारी साझा किया था। SC से राहत मिलने के बाद BCCI के अध्यक्ष सौरव गांगुली और सचिव जय शाह वाला कार्यकाल 6 साल तक बना रह सकता है।
BCCI के ऑफिशियल्स का चुनाव 2019 में पूरा हो गया था। इसमें सौरव गांगुली अध्यक्ष, जय शाह सचिव, अरुण धूमल कोषाध्यक्ष और जयेश जॉर्ज संयुक्त सचिव चुन लिया गया था। चुनाव होने से दो महीने बाद ही BCCI ने कूलिंग ऑफ पीरियड को ध्यान में रखकर लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील हुई थी।
क्या होता है कूलिंग ऑफ पीरियड
लोढ़ा कमेटी वाले सिफारिशों के मुताबिक 2018 में लागू होने वाले BCCI के संविधान के मुताबिक कोई भी पदाधिकारी 6 साल तक लगातार दो पद बना रहता है। तो उसे 3 साल को लेकर कूलिंग ऑफ पीरियड में जाना अहम हो जाता है। इसके अनुसार, पदाधिकारी लगातार 6 साल स्टेट बॉडी या BCCI मौजूद रहे हो, या दोनों जगह मिलाकर 6 साल पद पर रहे हो। इसके बाद भी उसे 3 साल का गैप लेने की जरूरत है। संविधान के अनुसार 6 साल पूरा होने के तुरंत बाद पदाधिकारी किसी भी पद पर बने और चुनाव लड़ने के अयोग्य माना जा या है।
इस मामले में BCCI ने जानकारी दिया है कि कूलिंग ऑफ पीरियड किसी एक सदस्य को एक स्थान पर लगातार छह साल तक पद संभालने के बाद आना होता है। न कि स्टेट फेडरेशन या BCCI या दोनों को मिलाने के साथ। मौजूदा संविधान के अनुसार पदाधिकारी अगर राज्य संघ या BCCI या इन दोनों को मिलाकर छह साल का कार्यकाल पूरा कर सकता है तो उसे कूलिंग ऑफ पीरियड में जाने की जरूरत होती है।
वर्तमान समय में BCCI में प्रेसिडेंट सौरव गांगुली सहित पांच पदाधिकारियों ने 6 साल पूरा करने में कामयाबी हासिल की है। गांगुली का कूलिंग ऑफ़ पीरियड जुलाई 2020 के बाद से शुरू किया गया था। वह 2014 में बंगाल क्रिकेट संघ के सचिव बनाए गए थे।
वहीं, जय शाह 2014 में गुजरात क्रिकेट संघ के संयुक्त सचिव के तौर पर चुने गए थे। जानकारी के मुताबिक उनका कार्यकाल आठ सितंबर 2013 से ही शुरू हुआ था। यानी सितंबर 2013 से अक्टूबर 2019 तक वह गुजरात क्रिकेट संघ से संबंधित रहे। वहीं BCCI सेक्रेटरी का पदभार उन्होंने 24 अक्टूबर 2019 को संभाल लिया था।