विज्ञापन
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। भारत की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने यह बड़ा फैसला देश के सभी हाईकोर्ट को दिया है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू होते ही ‘तारीख पर तारीख’ वाली बड़ी समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।

Supreme Court News : भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। भारत की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने यह बड़ा फैसला देश के सभी हाईकोर्ट को दिया है। सुप्रीम कोर्ट का फैसला लागू होते ही ‘तारीख पर तारीख’ वाली बड़ी समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी। सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला तुरन्त प्रभाव से लागू किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह बड़ा फैसला अदालतों में लगातार बढ़ रहे बोझ को कम करने में बड़ी भूमिका निभाने वाला साबित होगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले की खूब तारीफ हो रही है। Supreme Court News
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है। अपने बड़े फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी हाईकोर्टों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि जिन मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रखा गया है, उनमें अधिकतम तीन महीने के भीतर निर्णय सुनाना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि न्याय में अनावश्यक देरी लोगों के संवैधानिक अधिकारों को प्रभावित करती है और इससे आम जनता का न्यायपालिका पर भरोसा कमजोर पड़ता है। अदालत ने इसे "गंभीर बीमारी" बताते हुए कहा कि अब इस प्रवृत्ति को खत्म करना जरूरी हो गया है। Supreme Court News
सुप्रीम कोर्ट ने सभी हाईकोर्टों के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने कहा कि रिजर्व यानी सुरक्षित रखे गए फैसले 3 महीने के भीतर सुनाए जाएं। जमानत से जुड़े मामलों में आदेश जल्द जारी किए जाएं। जिन मामलों में फैसला लंबे समय से लंबित है, उनकी सूची तैयार की जाए। हाईकोर्टों के मुख्य न्यायाधीश नियमित रूप से लंबित फैसलों की निगरानी करें। फैसलों में अनावश्यक देरी होने पर प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि यदि सुनवाई पूरी होने के बाद भी महीनों या वर्षों तक फैसला नहीं आता है तो इससे न्याय की मूल भावना प्रभावित होती है। अदालत ने दो टूक कहा कि "Justice delayed is justice denied" यानी न्याय में देरी, न्याय से वंचित करने के समान है। शीर्ष अदालत ने यह भी माना कि कई मामलों में लोग वर्षों तक फैसले का इंतजार करते रहते हैं, जिससे उनकी सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत जिंदगी पर गंभीर असर पड़ता है। Supreme Court News
सुप्रीम कोर्ट ने विशेष रूप से जमानत मामलों में तेजी लाने की जरूरत बताई। अदालत ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला जुड़ा है तो आदेशों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला लाखों लंबित मामलों में तेजी ला सकता है। सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले के कारण आम लोगों को जल्दी न्याय मिलेगा, अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम होगा, न्यायपालिका की पारदर्शिता बढ़ेगी, और "तारीख पर तारीख" वाली व्यवस्था पर काफी हद तक रोक लग सकेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को भारतीय न्यायिक इतिहास का बड़ा सुधारात्मक कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अब हाईकोर्टों पर लंबित रिजर्व फैसलों को तेजी से निपटाने का दबाव बढ़ेगा और न्यायिक प्रक्रिया अधिक जवाबदेह बनेगी। सुप्रीम कोर्ट के इस बड़े फैसले की खूब तारीफ हो रही है। Supreme Court News
विज्ञापन