UGC पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भारतीय जनता पार्टी सहित ज्यादातर राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान आए हैं। ज्यादातर नेताओं ने UGC के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।

Supreme Court's decision on UGC : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से केन्द्र सरकार को बड़ी राहत मिली है। UGC पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का केन्द्र सरकार को बड़ा फायदा हुआ है। UGC पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद भारतीय जनता पार्टी सहित ज्यादातर राजनीतिक दलों के नेताओं के बयान आए हैं। ज्यादातर नेताओं ने UGC के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।
UGC के द्वारा बनाए गए नियमों के मुद्दे पर केन्द्र सरकार पूरी तरह से घिर गई थी। देश भर में UGC के विरोध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। UGC के नियमों का सबसे ज्यादा विरोध सवर्ण समाज के लोग कर रहे थे। सवर्ण समाज को केन्द्र की सत्ता में काबिज भारतीय जनता पार्टी का कोर वोट माना जाता है। ऐसे में भाजपा सवर्ण समाज की नाराजगी का जोखिम नहीं ले सकता थी। स्थिति यह हो गई थी कि भाजपा के अंदर से ही भारी विरोध शुरू हो गया था। इस विरोध के कारण केन्द्र सरकार के पास UGC के नियमों को वापस लेकर यू-टर्न लेने के अलावा कोई मार्ग नहीं था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण केन्द्र सरकार यूटर्न लेने वाले मजबूरी भरे कदम से बच गई है।
अलग-अलग बयानों में ज्यादातर नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। भारतीय जनता पार्टी के झारखंड प्रदेश से सांसद निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सोशल मीडिया पोस्ट के द्वारा प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अपनी प्रतिक्रिया में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा है कि संविधान की धारा-14 तथा 15 के तहत ही देश में कानून चलेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही कहा था कि UGC के नियम कानून के अनुरूप नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने वही किया है जो मैंने कहा था।
शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुझे ट्रोल किया गया, गालियां दी गईं और मेरे उपनाम का इस्तेमाल कर मेरे खिलाफ अपमानजनक शब्द कहे गए। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करते हुए त्रष्ट के उन दिशानिर्देशों पर रोक लगाई, जो अस्पष्ट, मनमाने और कैंपसों में अधिक भेदभाव पैदा करने की कोशिश थे। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि भारत सरकार ने हस्तक्षेप कर यूजीसी की इन गाइडलाइंस को वापस लेने की अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से छोड़ दी थी। उन्होंने कहा कि इससे अब यह पूरी तरह से साफ हो गया है कि सरकार को लोगों के विरोध-प्रदर्शन की न तो परवाह है, ना ही उसका सम्मान। प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि जो लोग इस पर चुप रहे, समय उनका भी फैसला करेगा। इसी कड़ी में पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। Supreme Court's decision on UGC