डॉग लवर्स को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने तय की नई गाइडलाइन
भारत
RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 04:53 AM
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RP Raghuvanshi
01 Dec 2025 04:53 AM
आवारा कुत्तों को लेकर लंबे समय से चल रही बहस और विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को दिए गए अपने उस आदेश में संशोधन किया है, जिसमें सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर होम में रखने का निर्देश दिया गया था। ताजा आदेश में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ बीमार और आक्रामक कुत्तों को ही शेल्टर होम में रखा जाएगा जबकि बाकी कुत्तों को नसबंदी और टीकाकरण के बाद वापस उसी इलाके में छोड़ा जाएगा जहां से उन्हें पकड़ा गया था। Stray Dogs
सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की विशेष पीठ का आदेश
जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता में जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की तीन सदस्यीय पीठ ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने अपने निर्देशों में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया है और कहा है कि आवारा कुत्तों की देखभाल, टीकाकरण और फीडिंग को लेकर एक स्पष्ट और मानवीय व्यवस्था बनाई जाए।
अब शेल्टर में नहीं रहेंगे सभी कुत्ते
कोर्ट ने कहा है कि सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर में रखना जरूरी नहीं है। जो कुत्ते पहले से शेल्टर में हैं, उन्हें भी तुरंत छोड़ा जाएगा। केवल बीमार या आक्रामक व्यवहार दिखाने वाले कुत्ते ही शेल्टर में रखे जाएंगे। सभी कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अनिवार्य होगा। फीडिंग के लिए निर्धारित जगह, सार्वजनिक स्थानों पर रोक सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण व्यवस्था यह भी दी है कि अब आवारा कुत्तों को सार्वजनिक स्थलों पर खाना नहीं खिलाया जा सकेगा। इसके बजाय हर वॉर्ड या नगर निगम क्षेत्र में निर्धारित 'फीडिंग जोन' बनाए जाएंगे। इन फीडिंग जोन को विकसित करने की जिम्मेदारी संबंधित नगर निकाय और एनजीओ को दी गई है। हर एनजीओ को फीडिंग जोन के लिए ₹25,000 की राशि दी जाएगी। अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर कुत्तों को खाना खिलाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हेल्पलाइन और शिकायत व्यवस्था
कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति या संगठन इन नियमों का उल्लंघन करता है या पालन में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिए एक हेल्पलाइन नंबर शुरू किया जाएगा। इस फैसले को लागू करने के लिए सभी स्थानीय निकायों को दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
कोर्ट ने पशु प्रेमियों के लिए एक जिम्मेदार विकल्प भी पेश किया है। अब कोई भी व्यक्ति या संस्था आवारा कुत्तों को गोद ले सकती है। एक बार गोद लिए गए कुत्तों को फिर से सड़कों पर छोड़ना अपराध माना जाएगा और उसकी जिम्मेदारी पालक की होगी। इस केस से जुड़ी याचिकाकर्ता वकील ननिता शर्मा ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह एक संतुलित और न्यायोचित आदेश है। कोर्ट ने देश के सभी राज्यों को इस मामले में पक्षकार बनाया है और आवारा कुत्तों से जुड़े सभी लंबित केसों को एक साथ जोड़ने का निर्देश भी दिया है। Stray Dogs