
Bihar Voter Verification Case : बिहार में मतदाता सूची की व्यापक पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि इस कवायद के तहत राज्यभर में लाखों नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। इस मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सोमवार को वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मामले की त्वरित सुनवाई की मांग करते हुए इसे संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया। सर्वोच्च अदालत ने याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनने के बाद गुरुवार, 11 जुलाई को इस मामले पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है।
बिहार में "विशेष गहन पुनरीक्षण" (Special Intensive Revision) के नाम पर निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर सुधार कार्य शुरू किया है। लेकिन याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस प्रक्रिया की आड़ में खास वर्गों—जैसे महिलाएं, गरीब, ग्रामीण और अल्पसंख्यक मतदाता—के नाम बड़ी संख्या में हटाए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी खतरे में पड़ सकती है। कपिल सिब्बल के साथ अभिषेक मनु सिंघवी, शादाब फरासत और गोपाल शंकरनारायणन जैसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि यह प्रक्रिया भेदभावपूर्ण और अनुचित तरीके से लागू की जा रही है, जिसका असर लोकसभा और विधानसभा चुनावों में निष्पक्षता पर पड़ेगा।
उन्होंने तर्क दिया कि 25 जुलाई तक तय की गई समयसीमा बहुत ही सीमित है, जिसके भीतर राज्य भर में नामों की छंटनी से हजारों परिवारों के वोटिंग अधिकार छिन सकते हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत से अपील की गई है कि इस संशोधन अभियान पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की अनुचित और पक्षपातपूर्ण छेड़छाड़ को रोका जा सके। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया को तब तक स्थगित किया जाए जब तक इसकी पारदर्शिता और संवैधानिक वैधता की गारंटी न मिल जाए।
इस संवेदनशील मुद्दे पर याचिका दायर करने वालों में देश की प्रमुख विपक्षी पार्टियां—राष्ट्रीय जनता दल (RJD), कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के साथ-साथ दो प्रतिष्ठित गैर-सरकारी संगठन—एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (PUCL) शामिल हैं। इन संगठनों ने इसे संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 326 (मतदान का अधिकार) के उल्लंघन के रूप में देखा है। Bihar Voter Verification Case