लखीमपुर खीरी घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान
भारत
RP Raghuvanshi
07 Oct 2021 11:36 AM
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RP Raghuvanshi
07 Oct 2021 11:36 AM
नई दिल्ली। लखीमपुर खीरी घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई का फैसला किया है। चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की बेंच आज इस मामले की सुनवाई करने जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड कार्यसूची के माध्यम से इस बात की जानकारी मिली है।
दरअसल लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को किसानों के प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी जिसमें 4 किसानों सहित कुल नौ लोग मारे गए थे जिसमें एक पत्रकार भी शामिल था। इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है जो अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के लखीमपुर दौरे से पहले किसानों के प्रदर्शन के दौरान तीन अक्तूबर को भड़की हिंसा में आठ लोग मारे गए थे। किसानों का आरोप है कि घटना में एक एसयूवी कार ने चार किसानों को कुचल दिया जो तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। घटना के बाद गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने दो कथित भाजपा कार्यकर्ताओं और एक चालक को पीट-पीटकर मार डाला जबकि हिंसा के दौरान एक स्थानीय पत्रकार की भी जान चली गई। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा और अन्य के खिलाफ आइपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मंगलवार को दो अधिवक्ताओं ने उच्चतम न्यायालय को पत्र लिखकर शीर्ष अदालत की निगरानी में इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया था। अपने पत्र के माध्यम से अधिवक्ताओं ने पत्र को जनहित याचिका के तौर पर लेने का भी अनुरोध किया था ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके। इस पत्र में गृह मंत्रालय और पुलिस को मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और घटना में शामिल लोगों को दंडित करने का निर्देश देने की भी मांग की गई थी। उल्लेखनीय है शीर्ष अदालत ने कृषि कानूनों के विरोध में एक किसान संगठन द्वारा जंतर मंतर पर सत्याग्रह करने की अनुमति दिए जाने की मांग के लिए दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सोमवार को कहा था कि इस तरह की घटनाएं जब होती हैं तो कोई भी जिम्मेदारी नहीं लेता है। शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी तब की थी जब अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने लखीमपुर खीरी में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का जिक्र किया था।
इधर, योगी सरकार ने भी न्यायिक जांच समिति के गठन की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने लखीमपुर खीरी पहुंच कर पीड़ित किसान परिवारों से मुलाकात की।