Supreme Court- यूक्रेन से लौटे मेडिकल छात्रों के भारतीय कॉलेजों में एडमिशन मामले में SC करेगा सुनवाई
भारत
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 12:26 PM
Supreme Court- आज यूक्रेन से लौटे भारतीय मेडिकल छात्रों के मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सुनवाई करेगा। इससे पहले केंद्र ने बीते गुरुवार को यह निर्णय लिया था कि यूक्रेन रूस युद्ध के समय जो भारतीय छात्र वापस आए हैं, उन्हें भारतीय कालेजों में एडमिशन नहीं दिया जाएगा। लेकिन ऐसे में बच्चों के भविष्य को भारी नुकसान हो जाएगा। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में दायर याचिका में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के द्वारा यह दर्शाया गया है कि उन्होंने विदेश से लौटे छात्रों की पहले से ही मदद करने के लिए कुछ सक्रिय कोशिशें की हैं।
इसके अलावा मंत्रालय ने स्थानांतरण को लेकर भी काफी कुछ कहा है। मंत्रालय के द्वारा यह बताया गया है कि भारत में मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरण के साथ कोई और छूट भारतीय चिकित्सा परिषद अधिनियम 1956 एवं राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम 2019 के प्रावधानों से बाहर हैं। ऐसे में विदेश से लौटे छात्रों को भारतीय कालेजों में दाखिल करने से शिक्षा के मानकों पर विशेष रूप से असर देखने को मिलेगा।
मंत्रालय ने इस बात की भी पुष्टि की है कि उनके द्वारा NMC (राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग) के कहने पर, अच्छे से इस मामले पर जांच की गई है। इसके अलावा जो भी मेडिकल अंडरग्रेजुएट छात्र कोविड महामारी के दौरान या युद्ध के कारण विदेशों से अपनी पढ़ाई छोड़कर आए थे, उन्हें भारत वापसी के बाद अपूर्ण इंटर्नशिप की अनुमति प्रदान कर दी गई थी। हालांकि भारत के किसी भी मेडिकल कॉलेज या चिकित्सा संस्थान में स्थानांतरित छात्रों को दाखिल करने के आदेश नहीं दिए गए थे।
खैर, यहां एक बात और गौर फरमाने वाली है कि विदेशों में मेडिकल कॉलेज में आसानी से एडमिशन मिल जाता है। ऐसे में जितने भी भारतीय छात्र विदेश में पढ़ने गए थे, ज़ाहिर सी बात ये है कि वो भारत में नीट परीक्षा में अच्छे अंक नहीं प्राप्त कर पाए थे। जिसकी वजह से उन्हें यहां के बेहतर मेडिकल कालेजों में एडमिशन नहीं मिला। अब ऐसे में अगर विदेश से किसी कारणवश वो वापस भारत आ गए हैं और उन्हें देश के टॉप मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दे दिया जाता है, तो कहीं न कहीं भारतीय छात्रों पर इसका बुरा असर पड़ेगा और आगे चलकर वो भी अपनी याचिका दायर करेंगे।