विज्ञापन
विज्ञापन
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में एक बार फिर सनसनी फैल गई, जब स्वर्णरेखा नदी के भीतर से करीब 200 किलो वजनी संदिग्ध मिसाइल बम बरामद होने की खबर सामने आई।

Missile Bomb : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में एक बार फिर सनसनी फैल गई, जब स्वर्णरेखा नदी के भीतर से करीब 200 किलो वजनी संदिग्ध मिसाइल बम बरामद होने की खबर सामने आई। यह घटना बहरागोड़ा थाना क्षेत्र के पानीपोडा इलाके की है, जहां गुरुवार को मछली पकड़ने गए ग्रामीणों की नजर नदी के बीच पड़ी एक भारी धातु की वस्तु पर गई। Missile Bomb
ग्रामीणों ने पहले इसे सामान्य कबाड़ समझा, लेकिन पास जाकर देखने पर इसकी बनावट और आकार ने उन्हें चौंका दिया। शक गहराने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित कर लिया गया।200 किलो का बम : कितना बड़ा खतरा?प्रारंभिक आकलन के अनुसार यह वस्तु एक पुराने सैन्य उपयोग का मिसाइल बम हो सकता है, जिसका वजन 200 किलो से भी अधिक बताया जा रहा है। इतनी भारी विस्फोटक सामग्री अगर सक्रिय अवस्था में हो, तो यह बड़े इलाके को नुकसान पहुंचाने में सक्षम हो सकती है। यही वजह है कि प्रशासन ने कोई जोखिम न लेते हुए तुरंत सेना को बुलाने का निर्णय लिया। Missile Bomb
लगातार तीसरी घटना के बाद स्थानीय लोगों में गहरी दहशत है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नदी के आसपास के हिस्सों को खाली कराना शुरू कर दिया है और लोगों को वहां जाने से मना किया गया है। पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है ताकि कोई भी व्यक्ति गलती से भी संदिग्ध वस्तु के पास न जाए। Missile Bomb
विशेषज्ञों का मानना है कि यह इलाका कभी सैन्य अभ्यास या पुराने गोला-बारूद के निस्तारण से जुड़ा हो सकता है। नदी में रेत खनन और जल स्तर में बदलाव के कारण ऐसे पुराने विस्फोटक बाहर आ रहे हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हैं। सेना की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह बम कितना खतरनाक था और इसका स्रोत क्या है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि पूरे क्षेत्र की व्यापक जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। Missile Bomb
विज्ञापन