हरिद्वार में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ सम्मेलन के बाद बाबा रामदेव ने दोनों के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बेहद तल्ख अंदाज में कहा कि वह “ओछे लोगों” पर टिप्पणी नहीं करना चाहते।

योग गुरु बाबा रामदेव और बीजेपी से जुड़े दो चर्चित चेहरों पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और सांसद कंगना रनौत के बीच हालिया बयानबाजी ने एक बार फिर सियासी और सार्वजनिक बहस को गर्म कर दिया है। रविवार को हरिद्वार में ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ सम्मेलन के बाद बाबा रामदेव ने दोनों के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बेहद तल्ख अंदाज में कहा कि वह “ओछे लोगों” पर टिप्पणी नहीं करना चाहते।
हरिद्वार के श्री जी वाटिका में आयोजित ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ सम्मेलन के बाद पत्रकारों ने बाबा रामदेव से बृजभूषण शरण सिंह और कंगना रनौत की हालिया टिप्पणियों को लेकर सवाल किया। इस पर बाबा रामदेव ने कहा कि “रामदेव क्या है, यह पूरा देश जानता है। मैं ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता।” उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह इस विवाद को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। रामदेव का यह बयान ऐसे समय आया है जब पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर उनकी बृजभूषण शरण सिंह और कंगना रनौत के साथ जुबानी तनातनी सामने आई है।
विवाद की एक प्रमुख कड़ी सरकारी नौकरियों और चयन प्रक्रिया से जुड़ी है। बाबा रामदेव ने हाल ही में सरकारी नौकरियों में कथित गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा था कि यदि हालात नहीं सुधरे तो उन्हें दोबारा आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। रामदेव के इस बयान पर पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने तंज कसा था। उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या बाबा रामदेव में आंदोलन करने की क्षमता है। इसी बयान के बाद दोनों के बीच बयानबाजी ने तूल पकड़ लिया। बृजभूषण के बयान को बाबा रामदेव के आंदोलनकारी अतीत पर कटाक्ष के तौर पर देखा गया। इसके बाद जब रामदेव से इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो उन्होंने बृजभूषण का सीधे नाम लेने के बजाय अपने जवाब में “ओछे लोगों” का जिक्र किया।
बाबा रामदेव और कंगना रनौत के बीच विवाद की शुरुआत एक अलग मुद्दे से हुई थी। कंगना ने Gen-Z पीढ़ी को लेकर टिप्पणी की थी जिस पर रामदेव ने आपत्ति जताई थी। रामदेव ने कंगना की टिप्पणी की आलोचना करते हुए उनके निजी जीवन से जुड़े सवाल भी उठाए थे। इसके बाद कंगना ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रामदेव को जवाब दिया और उनसे अपने निजी जीवन तथा चरित्र को लेकर टिप्पणी नहीं करने को कहा। कंगना ने रामदेव की टिप्पणियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि उन्हें उनके चरित्र पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद रामदेव और कंगना के बीच विवाद सार्वजनिक बहस का विषय बन गया।
अब हरिद्वार में रामदेव की ताजा प्रतिक्रिया को इस विवाद से पीछे हटने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने अपने योगदान और सार्वजनिक जीवन का हवाला देते हुए कहा कि देश उनके बारे में जानता है। उनके जवाब का सबसे चर्चित हिस्सा उनका यह कहना रहा कि वह “ओछे लोगों पर टिप्पणी” नहीं करना चाहते। इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में एक बार फिर इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि रामदेव का इशारा आखिर किसकी ओर था। हालांकि उन्होंने अपने जवाब में बृजभूषण शरण सिंह या कंगना रनौत का नाम लेकर कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की।
पिछले कुछ दिनों में बाबा रामदेव कई सार्वजनिक मुद्दों पर मुखर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सरकारी नौकरी और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी है। सरकारी नौकरी की चयन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर उनके आंदोलन वाले बयान ने राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया था। इसी दौरान Gen-Z को लेकर कंगना की टिप्पणी और उस पर रामदेव की प्रतिक्रिया ने अलग विवाद खड़ा कर दिया। कंगना के जवाब के बाद यह मामला व्यक्तिगत बयानबाजी तक पहुंच गया। अब रामदेव ने बृजभूषण और कंगना दोनों के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए विवाद को आगे नहीं बढ़ाने का संकेत दिया है। हालांकि उनका इस्तेमाल किया गया “ओछे लोगों” वाला शब्द खुद चर्चा का नया विषय बन गया है।
रामदेव के ताजा बयान के बाद फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि बृजभूषण शरण सिंह या कंगना रनौत की ओर से इस पर कोई नई प्रतिक्रिया आती है या नहीं। लेकिन जिस तरह पिछले कुछ दिनों में तीनों के बयान सार्वजनिक चर्चा का विषय बने हैं उससे यह विवाद फिलहाल पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आ रहा। रामदेव की प्रतिक्रिया ने इतना जरूर स्पष्ट कर दिया है कि वह इस मुद्दे पर लंबी बहस में पड़ने के बजाय अपने काम और सार्वजनिक योगदान को अपनी पहचान मानते हैं। वहीं, बृजभूषण और कंगना की ओर से पहले दिए गए बयानों ने इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक और सामाजिक हलकों में खासा चर्चित बना दिया है।
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