तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। तेजपाल ने अदालत से आत्मसमर्पण करने की अनिवार्यता से राहत देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील स्वीकार नहीं की।

Tarun Tejpal : तहलका मैगजीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने उन्हें दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया है। तेजपाल ने अदालत से आत्मसमर्पण करने की अनिवार्यता से राहत देने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलील स्वीकार नहीं की। अब उन्हें तय समय सीमा के भीतर सरेंडर करने के बाद इसका प्रमाण पत्र सुप्रीम कोर्ट में जमा कराना होगा। इसके बाद ही मामले में आगे की सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बताया गया है कि तेजपाल को 22 सितंबर तक सरेंडर से संबंधित प्रमाण पत्र अदालत के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। Tarun Tejpal
तरुण तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सरेंडर से छूट संबंधी अंतरिम आवेदन पर जल्द सुनवाई की मांग की थी। उनका पक्ष था कि जब तक इस आवेदन पर अदालत में सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक तेजपाल को सरेंडर करने से राहत दी जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और तेजपाल को पहले आत्मसमर्पण करने का निर्देश दे दिया। Tarun Tejpal
गोवा सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तेजपाल की मांग का विरोध किया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के नियमों और पूर्व के न्यायिक फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि दोषी ठहराए जा चुके व्यक्ति को सामान्य रूप से पहले सरेंडर करना आवश्यक होता है। उनका तर्क था कि यदि दोषी ने आत्मसमर्पण नहीं किया है, तो उसकी अपील पर आगे की प्रक्रिया के लिए सरेंडर से छूट का वैध आधार होना जरूरी है। अदालत ने पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। यह मामला वर्ष 2013 के एक यौन उत्पीड़न मामले से जुड़ा है। इस मामले में गोवा की ट्रायल कोर्ट ने पहले तरुण तेजपाल को बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए अपील दायर की थी। Tarun Tejpal
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