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महाराष्ट्र के नासिक में स्थित TCS की BPO यूनिट से जुड़ा मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धार्मिक दबाव के आरोप सामने आने के बाद कंपनी ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है।

Maharashtra News : महाराष्ट्र के नासिक में स्थित TCS की BPO यूनिट से जुड़ा मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और धार्मिक दबाव के आरोप सामने आने के बाद कंपनी ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। नासिक ऑफिस को फिलहाल बंद कर दिया गया है और कर्मचारियों से अगली सूचना तक घर से काम करने को कहा गया है। माना जा रहा है कि यह कदम मौजूदा हालात को संभालने और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। Maharashtra News
इस पूरे मामले में कम से कम 8 महिला कर्मचारियों ने शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि लंबे समय से उनके साथ यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न और दबाव की घटनाएं हो रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने अब तक 9 एफआईआर दर्ज की हैं। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मामला अब सिर्फ एक ऑफिस विवाद नहीं रह गया है, बल्कि यह कार्यस्थल की सुरक्षा और जवाबदेही से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। नासिक पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कई आरोपी एक समूह की तरह काम कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि महिला कर्मचारियों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया। यही वजह है कि जांच एजेंसियां इस मामले को अलग-अलग घटनाओं के बजाय एक संगठित पैटर्न के तौर पर भी देख रही हैं। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें 7 पुरुष और 1 महिला शामिल बताई जा रही है, जबकि एक अन्य महिला आरोपी अभी फरार है। पुलिस के मुताबिक कुछ आरोपी टीम लीडर जैसे अहम पदों पर थे और उन्होंने अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल किया। आरोप है कि उन्होंने अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों पर दबाव बनाया और शिकायतों को दबाने की कोशिश की। Maharashtra News
इस मामले में एक महिला आरोपी, जिसे HR हेड बताया जा रहा है, की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि उसने पीड़ित कर्मचारियों को शिकायत दर्ज कराने से रोका और आरोपियों का पक्ष लिया। अगर जांच में यह बात सही पाई जाती है, तो यह सिर्फ व्यक्तिगत उत्पीड़न का मामला नहीं बल्कि संस्थागत लापरवाही का भी संकेत माना जाएगा। पीड़ित कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया है कि ऑफिस के भीतर उन पर विशेष प्रकार का भोजन करने और कुछ धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने का दबाव बनाया जाता था। एक पुरुष कर्मचारी ने भी धार्मिक उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास का आरोप लगाया है। इन दावों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है, क्योंकि अब यह केवल कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार तक सीमित नहीं रह गया है। Maharashtra News
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने जांच के लिए एक समिति गठित की है, जो पूरे मामले की स्वतंत्र पड़ताल करेगी। यह कदम इस बात का संकेत है कि मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीरता से देखा जा रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम 18 अप्रैल को नासिक पहुंचकर पूरे प्रकरण की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश करेगी। समिति पीड़ित कर्मचारियों, पुलिस अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन से बातचीत करेगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि कहीं शिकायतों को नजरअंदाज करने या दबाने में किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई। Maharashtra News
जांच समिति को 10 कार्यदिवस के भीतर अपनी रिपोर्ट तैयार कर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस रिपोर्ट में तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष दिए जाएंगे और साथ ही महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने, कार्यस्थल पर शिकायत प्रणाली को प्रभावी बनाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुझाव भी शामिल किए जाएंगे। Maharashtra News
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