उच्च सदन के लिए कांग्रेस ने जारी की सूची, इन दिग्गजों पर जताया भरोसा

गुरुवार को जारी सूची में पार्टी ने अनुभवी और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता देते हुए कई चर्चित चेहरों पर भरोसा जताया है। सबसे प्रमुख नाम वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी का है। पार्टी ने उन्हें एक बार फिर तेलंगाना से राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाया है।

कांग्रेस की उम्मीदवार घोषणा
कांग्रेस की उम्मीदवार घोषणा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Mar 2026 10:06 AM
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Rajya Sabha elections : आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देते हुए छह उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। गुरुवार को जारी सूची में पार्टी ने अनुभवी और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता देते हुए कई चर्चित चेहरों पर भरोसा जताया है। सबसे प्रमुख नाम वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी का है। पार्टी ने उन्हें एक बार फिर तेलंगाना से राज्यसभा के लिए प्रत्याशी बनाया है। गौरतलब है कि सिंघवी वर्तमान में भी तेलंगाना का प्रतिनिधित्व करते हुए उच्च सदन के सदस्य हैं। तेलंगाना में इस बार राज्यसभा की दो सीटों पर चुनाव होना है, और कांग्रेस ने दूसरी सीट के लिए मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले वी. नरेंद्र रेड्डी को उम्मीदवार घोषित किया है।

राज्यवार उम्मीदवारों का चयन

छत्तीसगढ़ से पार्टी ने मौजूदा राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम पर दोबारा विश्वास जताया है। उनके नाम की पुन: घोषणा से संकेत मिलता है कि कांग्रेस अनुभव और निरंतरता को महत्व दे रही है।

हिमाचल प्रदेश में कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनुराग शर्मा को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया है। संगठनात्मक पृष्ठभूमि से आने वाले शर्मा को मैदान में उतारकर कांग्रेस ने स्थानीय नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संदेश दिया है।

हरियाणा से कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार घोषित किया गया है। यह चयन राज्य में सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

तमिलनाडु से एम. क्रिस्टोफर तिलक को राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया है। दक्षिण भारत में अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयासों के तहत कांग्रेस का यह फैसला अहम माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, कांग्रेस की यह सूची अनुभव, संगठनात्मक मजबूती और क्षेत्रीय संतुलन के संयोजन को दर्शाती है। राज्यसभा चुनाव से पहले जारी यह घोषणा पार्टी की रणनीतिक तैयारी और राजनीतिक प्राथमिकताओं की स्पष्ट झलक पेश करती है।

सीएम नीतीश जाएंगे राज्यसभा

वहीं दूसरी तरफ बिहार की सियासत में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य के दस बार मुख्यमंत्री रह चुके नीतीश कुमार अब उच्च सदन की ओर कदम बढ़ाने जा रहे हैं। वे आज सुबह 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। राजनीतिक हलकों में इस फैसले को बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। Rajya Sabha elections

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राज्यसभा की दौर में नीतीश कुमार, आज दाखिल करेंगे नामांकन

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है।

नीतीश कुमार
नीतीश कुमार
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Mar 2026 10:10 AM
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Rajya Sabha elections : बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राज्यसभा की 37 सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा चुनाव के लिए पर्चा भरना राज्य की सियासत में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है। लंबे समय से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाते नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी मौजूद रहने की संभावना जताई जा रही है। उनके साथ जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर भी राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा के जरिए केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो यह बिहार की राजनीति में लगभग दो दशकों बाद एक बड़े सत्ता परिवर्तन की शुरुआत हो सकती है।

बिहार की राजनीति में बदलाव के संकेत

करीब 20 वर्षों से बिहार की सत्ता की धुरी बने रहे नीतीश कुमार के दिल्ली की राजनीति में जाने की चर्चा ने राज्य की सियासत को नई दिशा दे दी है। सूत्रों के अनुसार यदि वे राज्यसभा सदस्य बनने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ते हैं, तो बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री बनने की संभावना प्रबल हो सकती है। हालांकि इस मुद्दे पर जेडीयू की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हैं। बताया जा रहा है कि बुधवार को पटना में जेडीयू के विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि पार्टी के नेता फिलहाल सार्वजनिक रूप से इस विषय पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

अमित शाह के साथ हो सकती है अहम बैठक

नीतीश कुमार के नामांकन के बाद एनडीए के भीतर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं। खबर है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार में एनडीए के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं। इस बैठक में संभावित नई सरकार के गठन और सत्ता के नए समीकरणों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि अगर सत्ता परिवर्तन होता है तो बिहार में गठबंधन की राजनीति में भाजपा की भूमिका पहले से अधिक मजबूत हो सकती है।

क्या बिहार को मिलेगा पहला बीजेपी मुख्यमंत्री?

अगर नीतीश कुमार दिल्ली की राजनीति में जाते हैं तो बिहार में पहली बार भाजपा के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल राज्य सरकार में भाजपा के दो उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा हैं। राजनीतिक समीकरणों के अनुसार अगर मुख्यमंत्री भाजपा का होता है तो जेडीयू को उपमुख्यमंत्री पद दिया जा सकता है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि नई व्यवस्था में एक उपमुख्यमंत्री होगा या दो।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नाम

नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने की खबर के साथ ही मुख्यमंत्री पद को लेकर कई नामों की चर्चा शुरू हो गई है। सबसे प्रमुख नाम नित्यानंद राय का माना जा रहा है, जो फिलहाल केंद्र सरकार में मंत्री हैं और भाजपा के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। यादव समुदाय से आने वाले नित्यानंद राय को सामाजिक समीकरणों के लिहाज से भी मजबूत दावेदार माना जा रहा है। दूसरा नाम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का है। कुशवाहा समुदाय से आने वाले सम्राट चौधरी बिहार भाजपा का एक बड़ा चेहरा हैं और संगठन में उनकी मजबूत पकड़ है। इसके अलावा यह भी चर्चा है कि भाजपा नेतृत्व किसी अति पिछड़े वर्ग की महिला नेता को आगे कर नया राजनीतिक संदेश देने की रणनीति अपना सकता है। हाल के वर्षों में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में पार्टी ने नेतृत्व चयन में चौंकाने वाले फैसले लिए हैं, इसलिए बिहार में भी ऐसा कदम उठाया जा सकता है। Rajya Sabha elections

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निशांत कुमार की राज्यसभा में संभावित जगह पर चर्चा तेज, कांग्रेस का तंज

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद तारिक अनवर ने इस संभावना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जद(यू) एक स्वतंत्र राजनीतिक दल है और अपने हितों के लिए वह जो भी फैसला ले, उसे रोका नहीं जा सकता।

Bihar Politics
निशांत को लेकर कांग्रेस का बड़ा बयान (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Mar 2026 09:02 PM
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Bihar Politics: बिहार में राज्यसभा चुनाव के दांव-पेच के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीतिक एंट्री को लेकर अटकलें अपने चरम पर हैं। निशांत कुमार को राज्यसभा भेजे जाने की चर्चा जोर-शोर से हो रही है, जिस पर कांग्रेस और जद(यू) दोनों पक्षों से बयान सामने आए हैं।

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर का बड़ा बयान

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद तारिक अनवर ने इस संभावना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जद(यू) एक स्वतंत्र राजनीतिक दल है और अपने हितों के लिए वह जो भी फैसला ले, उसे रोका नहीं जा सकता। उन्होंने कहा, ''नीतीश कुमार और उनकी लिगेसी राजनीति में आगे चले, इसके लिए शायद उनका यह फैसला होगा। मैं समझता हूं कि आने वाले समय में वो चाहते हैं कि उनकी जो लिगेसी है वो कायम रहे।''

जद(यू) ने दिखाई हरी झंडी

इस बीच, जद(यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार ने निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने पर मुहर लगाते हुए कहा कि यह पार्टी के सामाजिक समूह और बिहार के आम आदमी की सदिच्छा है। उन्होंने कहा, ''निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आएं, यह जनता दल (यूनाइटेड) के समर्थकों की इच्छा है। अगर कुछ लोग इससे असंतुष्ट होते हैं तो यह उनका विषय है।'' उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बयानों के बाद अब यह महज कयास नहीं रह गया है और इस दिशा में एक सार्थक पहल नेतृत्व को तय करना है।

बंगाल में SIR पर भी बोले तारिक अनवर

निशांत कुमार के मुद्दे के अलावा, तारिक अनवर ने पश्चिम बंगाल में 'SIR' (विशेष गहन पुनरीक्षण) को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस नेता ईशा खान चौधरी के चुनाव बहिष्कार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, ''बंगाल में SIR के पर्दे के पीछे जो कुछ हो रहा है, वह गंभीर है। तृणमूल कांग्रेस के गढ़ों से पारंपरिक मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं। यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है।''

राज्यसभा चुनाव का समय-सारणी

बता दें कि बिहार से राज्यसभा की 5 सीटें खाली हो रही हैं। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च है, जबकि चुनाव 16 मार्च को होंगे। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या नीतीश कुमार अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करने के लिए इस चुनाव को माध्यम बनाते हैं। Bihar Politics

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