गोलीबारी के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बुधवार को बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पटना के गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से लोक भवन तक मार्च निकाला।

Bihar News : बिहार में छात्र आंदोलन, कथित पेपर लीक और प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बुधवार को बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पटना के गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर से लोक भवन तक मार्च निकाला। मार्च को देखते हुए पुलिस ने डाकबंगला चौराहे समेत कई प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। यातायात को भी कई जगह नियंत्रित किया गया। इस मार्च को राजद के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पार्टी करीब 11 साल बाद राजभवन मार्च के जरिए सड़क पर बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन कर रही है। वहीं, तेजस्वी यादव भी लंबे अंतराल के बाद किसी बड़े आंदोलन में पैदल मार्च करते हुए कार्यकर्ताओं के बीच नजर आए। Bihar News
राजद ने इससे पहले वर्ष 2015 में राजभवन मार्च किया था। उस समय पार्टी की ओर से 2011 की जनगणना के आधार पर जातीय गणना के आंकड़े जारी करने की मांग उठाई गई थी। इसके बाद अब छात्र आंदोलन और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर पार्टी ने राजभवन का रुख किया है। मार्च के दौरान तेजस्वी यादव और राजद कार्यकर्ताओं को पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग का सामना करना पड़ा। पटना पुलिस ने डाकबंगला चौक के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रदर्शन को देखते हुए आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया। Bihar News
तेजस्वी यादव की सक्रियता को लेकर भी यह मार्च खास माना जा रहा है। मार्च 2021 में उन्होंने विधानसभा परिसर में विपक्षी विधायकों के साथ कथित दुर्व्यवहार के विरोध में विधानसभा मार्च निकालने की कोशिश की थी। उस दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, इसके बाद तेजस्वी अलग-अलग राजनीतिक यात्राओं और अभियानों के जरिए जनता के बीच सक्रिय रहे। उन्होंने बेरोजगारी, आरक्षण और जनादेश से जुड़े मुद्दों पर यात्राएं निकालीं। इसके बावजूद पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय तक चलने वाले किसी बड़े आंदोलन की कमी महसूस की जा रही थी। ऐसे में मौजूदा मार्च को राजद के संगठनात्मक तेवर को फिर से मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। राजद के इस प्रदर्शन के पीछे बिहार में बदलते राजनीतिक माहौल को भी एक अहम कारण माना जा रहा है। हाल के समय में युवा मतदाताओं के बीच शिक्षा, रोजगार और परीक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर आक्रामक आंदोलन देखने को मिले हैं। दिल्ली में पेपर लीक के विरोध में हुए छात्र आंदोलन ने भी इस बहस को राष्ट्रीय स्तर पर जगह दी। बदलती युवा राजनीति में सोशल मीडिया और सड़क के आंदोलन दोनों की भूमिका बढ़ी है। ऐसे माहौल में राजनीतिक दलों के सामने युवाओं से सीधे जुड़ने और उनके मुद्दों पर जमीन पर उतरने की चुनौती है। तेजस्वी का मार्च इसी बदले राजनीतिक माहौल के बीच राजद की सक्रियता दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। Bihar News
बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर और जन सुराज की सक्रियता ने भी पारंपरिक राजनीतिक समीकरणों को चुनौती दी है। खासतौर पर बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में जन सुराज के प्रदर्शन ने राजद समेत दूसरे दलों के सामने नए सवाल खड़े किए हैं। राजद के लिए चुनौती यह है कि उसका पारंपरिक यादव-मुस्लिम सामाजिक समीकरण नए राजनीतिक विकल्पों के सामने कितना मजबूत रहता है। प्रशांत किशोर की राजनीति का विस्तार अगर दूसरे सामाजिक वर्गों तक होता है तो इसका असर बिहार के पुराने राजनीतिक समीकरणों पर पड़ सकता है। ऐसे में तेजस्वी का सड़क पर उतरना पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों को सक्रिय करने की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। Bihar News
राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता जयंत जिज्ञासु ने मार्च को सरकार की जवाबदेही से जोड़ते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार को प्रदर्शनकारियों की मांगों पर संवाद करना चाहिए। उन्होंने छात्र आंदोलन और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगते हुए प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी को गंभीर मामला बताया।
राजद का कहना है कि परीक्षाएं निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से आयोजित हों तथा परिणाम समय पर घोषित किए जाएं। पार्टी ने छात्र हितों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए इस मार्च का आयोजन किया है। Bihar News
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