
बिहार विधानसभा चुनाव का रंग अब पूरी तरह चढ़ चुका है। एनडीए ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में पहले ही चुनावी मैदान तय कर लिया है, जबकि महागठबंधन ने दो कदम आगे बढ़ते हुए तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया। गुरुवार को पटना के एक होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति सम्मान और सहानुभूति जताई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने एनडीए पर आरोप लगाया कि वे उनकी घोषणाओं और योजनाओं की नकल करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन सत्ता में आता है तो वे मुख्यमंत्री नीतीश के उस हथियार का इस्तेमाल करेंगे जो उन्हें 2005 से लेकर आज तक सबसे सफल बना चुका है। Bihar Election
यह हथियार है 3C नीति—Corruption (भ्रष्टाचार), Crime (अपराध) और Communal (सांप्रदायिकता) पर कोई समझौता न करने की नीति। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे 2005 में अपनाया और इसे अपने शासन की पहचान बनाया। इसी कारण मीडिया में उन्हें 'सुशासन बाबू' के रूप में भी याद किया जाता है। तेजस्वी यादव के माता-पिता, राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव, की 15 साल की सरकारों पर यही 3C सबसे बड़ा आरोप रहा। एनडीए नेता इसे 'जंगलराज' कहकर प्रचारित करते रहे हैं और जनता में भय पैदा करते रहे हैं कि अगर तेजस्वी सत्ता में आए तो बिहार में फिर से वही दौर लौट आएगा। Bihar Election
तेजस्वी यादव ने 2020 से ही 'जंगलराज' की छवि को अपने खिलाफ इस्तेमाल होने से रोकने की रणनीति शुरू कर दी थी। उस समय उन्होंने चुनावी पोस्टरों से माता-पिता की तस्वीरें हटा दीं और साफ कर दिया कि पुरानी भूलों को दोहराया नहीं जाएगा। 2025 के चुनाव में तेजस्वी ने इसे एक कदम आगे बढ़ाते हुए अपने अभियान का फोकस Crime और Corruption पर केंद्रित किया है। Communal मुद्दे पर चुप्पी साधते हुए उन्होंने जनता को यह संदेश देने की कोशिश की कि उनकी सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ बिना किसी समझौते के खड़ी रहेगी। इस बार उनका मकसद सिर्फ विपक्षी आरोपों का जवाब देना नहीं, बल्कि यह दिखाना है कि उन्होंने अनुभव से सीखे हुए सबक के साथ बिहार में विकास और सुशासन का नया चेहरा तैयार किया है।
तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बीजेपी बार-बार 'जंगलराज' का आरोप लगाती है, लेकिन असलियत इसके बिल्कुल उलट है। बिहार में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, और पिछले वर्षों में लगभग 70 हजार हत्या और बलात्कार की घटनाएं हुई हैं। पीड़ितों को समय पर मेडिकल सुविधा तक नहीं मिल पाती, जिससे कई मामलों में जान तक चली गई। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों को चाहे उनका पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो, कोई भी बच नहीं पाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी सरकार की छाया में भी कोई अपराध होता है, तो उसे भी सजा दिलाने से पीछे नहीं हटेंगे। उनका संदेश साफ था – कानून और न्याय के मामले में कोई समझौता नहीं, और अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं।
तेजस्वी यादव ने एनडीए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी सरकार महागठबंधन की नीतियों और घोषणाओं की सिर्फ नक़ल करने में लगी है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी पेंशन, मुफ्त बिजली, डोमिसाइल और युवा आयोग जैसी योजनाओं को देखकर एनडीए इसे आधे-अधूरे रूप में लागू कर देता है। तेजस्वी ने इसे 'नकलची सरकार' करार दिया और साफ किया कि उनकी प्राथमिकता केवल सत्ता और कुर्सी पर बैठना है, जबकि जनता की भलाई और विकास उनके एजेंडा में कहीं नहीं है। Bihar Election
तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के 17 महीने के शासनकाल की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने रीगा की शुगर मिल को फिर से चालू कराकर उद्योग को नया जीवन दिया, 5 लाख सरकारी नौकरियां दी और 3 लाख नौकरियों की प्रक्रिया शुरू की। साथ ही, 4 लाख नियोजित शिक्षकों को राजकीयकर्मी का दर्जा प्रदान किया और पहली बार बिहार में जाति आधारित गणना कराई। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अपराध और भ्रष्टाचार के सामने कभी समझौता नहीं करेगी। उनका संदेश साफ है – बिहार में विकास, सुशासन और नई पहल का नया अध्याय अब महागठबंधन लिखने जा रहा है। Bihar Election