बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से एक दिन पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने एनडीए सरकार पर तीखा हमला बोला है और कहा कि पिछले 20 सालों में बिहार में गरीबी, बेरोजगारी और पलायन बढ़ा है, कोई उद्योग नहीं लगा और राज्य लगातार पिछड़ता गया।

बता दे कि तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया और इस कॉन्फ्रेंस में तीखा हमला बोला है। आरोप लगाया कि अमित शाह बिहार को औपनिवेशिक राज्य बनाना चाहते हैं और बाहरी लोग राज्य पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन हम बिहारी ऐसा होने नहीं देंगे। इस बार जनता से करारा जवाब मिलेगा।
बता दे कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा है और उन्होंने कहा कि पीएम ने बिहार में जिन व्यक्तियों को मंच पर बुलाया, वे 'दुर्दांत अपराधी' हैं और उनके साथ मंच साझा करना सवाल खड़ा करता है। मैंने बिहार में लाखों कलम और नौकरियां बांटीं, लेकिन पीएम को वो नजर नहीं आया।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि 68 प्रतिशत पुलिस ऑब्जर्वर और 208 कंपनियां भाजपा शासित राज्यों से आई हैं। उन्होंने स्ट्रांग रूम के सीसीटीवी (CCTV) बार-बार बंद होने का मुद्दा उठाया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा किया। साथ ही तेजस्वी ने पूछा कि वोटिंग के आंकड़े क्यों छिपाए जा रहे हैं, कितने पुरुष और महिलाओं ने वोट डाला, इसकी जानकारी जनता से क्यों नहीं साझा की जा रही। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता के दबाव में काम न करें, जनता जवाब देगी।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार के लोग बदलाव के मूड में है और इस बार नौकरी, उद्योग और विकास की दिशा में सरकार बननी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस चुनाव में 171 रैलियां और जनसभाएं की गईं और हर जगह जनता का मूड साफ दिखा है। इस बार बिहार के लोग चाहते हैं कि फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगें, परिवार बिछड़े नहीं और सभी को रोजगार मिले। अब 14 तारीख के बाद बिहार सफलता की राह पर गिना जाएगा।