
बिहार की सियासत में यादव परिवार की अंदरूनी जंग अब सड़कों पर उतर आई है। महनार विधानसभा क्षेत्र में जो नजारा देखने को मिला, उसने लालू परिवार की दरार को जगजाहिर कर दिया। चुनावी सभा में पहुंचे लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव का स्वागत फूल-मालाओं से नहीं, बल्कि “तेजस्वी यादव जिंदाबाद ” और “लालटेन छाप जिंदाबाद ” के नारों से हुआ। भीड़ का रुख इतना आक्रामक था कि तेज प्रताप को मंच छोड़कर पीछे हटना पड़ा। माहौल में जोश से ज्यादा गुस्सा था और वो गुस्सा सीधे लालू परिवार की राजनीति पर सवाल खड़े कर गया। Bihar Election
तेज प्रताप यादव जनशक्ति जनता दल (JJD) के उम्मीदवार जय सिंह राठौर के समर्थन में महनार के हीरानंद उच्च विद्यालय मैदान में सभा करने पहुंचे थे। शाम पांच बजे से शुरू हुई सभा में उन्होंने जनता को संबोधित किया, लेकिन तभी RJD के कुछ समर्थक वहां पहुंच गए और मंच के सामने “तेजस्वी जिंदाबाद” के नारे लगाने लगे। विरोध बढ़ता गया और देखते-देखते माहौल गर्मा गया। तेज प्रताप के काफिले को लोगों ने कुछ दूरी तक पीछा कर खदेड़ दिया। जानकारी के मुताबिक, तेज प्रताप यादव हेलीकॉप्टर से सभा स्थल पहुंचे थे, लेकिन समय की कमी के कारण हेलीकॉप्टर वहीं से उड़ान भर गया। इसके बाद उन्हें सड़क मार्ग से अपने इलाके महुआ लौटना पड़ा। इसी दौरान रास्ते में भी विरोध और नारेबाजी जारी रही। Bihar Election
JJD उम्मीदवार जय सिंह राठौर ने इस पूरी घटना के पीछे RJD की साजिश बताई। उनका आरोप है कि “यह हमला RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह के इशारे पर कराया गया। राठौर ने कहा - “सभा के दौरान तो सब ठीक था, लेकिन लौटते वक्त RJD के समर्थकों ने सुनियोजित तरीके से नारेबाजी की। यह हमारी जनसभा को बिगाड़ने की कोशिश थी। राठौर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि RJD उम्मीदवार रविंद्र सिंह ने 15 से 16 करोड़ रुपये में पार्टी टिकट खरीदा, और अब चुनाव प्रचार में 5 से 6 करोड़ रुपये खर्च कर रहे हैं। उन्होंने कहा - ये लोग पैसों और शराब के बल पर वोट खरीदना चाहते हैं। अगर चुनाव नहीं जीत पाए, तो इस तरह के हमले करवाकर माहौल बिगाड़ेंगे। जनता अब जाग चुकी है, जंगलराज लौटने नहीं देगी। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा की मांग भी की है। Bihar Election
यह पूरा घटनाक्रम उस वक्त सामने आया है जब लालू परिवार के भीतर तनाव अपने चरम पर है। तेज प्रताप यादव के अलग पार्टी बनाने के फैसले ने पहले से ही परिवार में दूरी बढ़ा दी थी। अब यह टकराव चुनावी मंचों तक पहुंच गया है।
हाल ही में ‘जननायक’ विवाद पर तेज प्रताप ने अपने छोटे भाई तेजस्वी पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था तेजस्वी यादव लालू प्रसाद की छत्रछाया में रहकर खुद को जननायक बता रहे हैं, जबकि सच्चे जननायक वो होते हैं जो जनता के बीच रहकर काम करते हैं। लालू प्रसाद यादव, कर्पूरी ठाकुर, भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे लोग ही असली जननायक हैं। Bihar Election