Telugu Cinema : तेलुगु सिनेमा के प्रसिद्ध कलाकार "सुपरस्टार कृष्णा" के निधन से इंडस्ट्री में शोक की लहर
Mahesh Babu at his father Demise
भारत
चेतना मंच
17 Nov 2022 04:02 PM
Telugu Cinema : साउथ फिल्म इंडस्ट्री के लिये 15 नवंबर का दिन बेहद भी दुखद साबित हुआ। एक जाने माने कलाकार कृष्णा घट्टामनेनी जिन्हें "सुपरस्टार कृष्णा" और "कृष्णा गारू" के नाम से भी जाना जाता है, ने हैदराबाद के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु की पुष्टि करते हुए आधिकारिक लोगों ने इसका कारण कार्डियक अरेस्ट बताया। उनके पुत्र महेश बाबू जो स्वयं भी साउथ फिल्मों के सुपरस्टार माने जाते हैं, अपने पिता की मृत्यु से व्यथित दिखायी दिए।
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16 नवंबर को उनके पुत्र महेश बाबू के द्वारा हैदराबाद में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया जिसमें तेलुगु सिनेमा के कई चर्चित सितारे चिरंजीवी, देवरकोंडा, मोहनबाबू, अल्लूअर्जुन, प्रभास, नागाचैतन्यऔरराणाडुग्गुबाती आदि दिखायी दिए। सभी ने उनकी दुःखद मृत्यु पर शोक व्यक्त किया एवं परिवार के साथ सहानुभूति दिखायी।
उन्होंने अपने 57 साल के लम्बे फ़िल्म करियर में लगभग 500 फिल्मों में काम किया और दर्शकों पर अपनी दमदार एक्टिंग की गहरी छाप छोड़ी। 1965 में " थानेमानासुलु " फ़िल्म में मुख्य भूमिका निभाने के बाद उनको जो प्यार और सम्मान मिला, उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा। सुपरस्टार कृष्णा केवल फ़िल्म जगत के ही नहीं बल्कि राजनीति में भी एक चमकते हुए सितारे थे। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता राजीव गाँधी के नेतृत्व में 1989 मेंलोकसभासीट से चुनाव लड़ा और जीत भी दर्ज की। हालांकि उनका राजनीतिक करियर ज्यादा लम्बा नहीं चला। वे हमेशा अपनी बातों में राजीव गाँधी का जिक्र किया करते थे। यही कारण है कि राजनीति की दुनिया के भी कई लोगों ने उनकी मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। उन्हें प्रदेश स्तरीय सम्मान के साथ विदा किया गया।
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ऐसा माना जाता है कि कृष्णा घट्टामनेनी ने साउथ की ज़्यादातर ऐसी फिल्मों में काम किया जो जासूसी से जुड़ी हुई थीं। इसी कारण से उन्हें "आंध्राकाजेम्सबांड " कहा जाता है।
साल 1972 में उन्होंने एक साल के अंदर ही 17 फिल्मों में काम किया और तेलुगु सिनेमा के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया।
उनके माता पिता उन्हें इंजीनियर के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए देखना चाहते थे किन्तु अपनी ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने अक्कीनेनी नागेश्वर राव के सम्मान समारोह को देखा और एक्टिंग के काम की तरह आकर्षित हुए।
कृष्णा ने "चसीनापप्पामकसीकीवालीना" में दर्शकों से ढेर सारी प्रशंसा प्राप्त होने पर एक्टिंग को अपना प्रोफेशन चुनने का निर्णय लिया।
उन्हें 1997 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड मिला तथा 2008 में आंध्रा यूनिवर्सिटी की तरफ से उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि भी मिली। सुपरस्टार कृष्णा ने भले ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया हो किन्तु वे अपने प्रशंसकों के दिलों में अपने काम के जरिये हमेशा अमर रहेंगे।