Terrorist Activities : ड्रग तस्करी और आतंकवादी गतिविधियों का करीबी रिश्ता : डीजीपी
Close relation between drug smuggling and terrorist activities: DGP
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 01:57 PM
जम्मू। जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने रविवार को कहा कि मादक पदार्थ के व्यापार से प्राप्त धनराशि पाकिस्तान जाती है। फिर उसका जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाता है। दिलबाग सिंह का यह बयान जम्मू कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा के समीप मादक पदार्थ, नकदी और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामदगी के बीच आया है।
Terrorist Activities
पुलिस प्रमुख ने जम्मू मैराथन से इतर यहां संवाददाताओं से कहा कि हमारे सामने नई चुनौतियां हैं, जहां मादक पदार्थ एवं हथियारों की पाकिस्तान से एकसाथ तस्करी की जाती है। ये हथियार आतंकवादियों तक पहुंचाये जाते हैं जबकि मादक पदार्थ से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा (सीमापार) आतंकी आकाओं (हैंडलर्स) के पास पहुंच जाता है एवं बाकी को मादक पदार्थ तस्कर आपस में बांट लेते हैं। उन्होंने कहा कि मादक पदार्थ के व्यापार से होने वाली कमाई का उपयोग जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के लिए किया जाता है।
‘रन फोर फन’ जम्मू मैराथन का आयोजन पुलिस ने अपने नागरिक भागीदारी कार्यक्रम के तहत किया। यहां गुलशन ग्राउंड में इस मैराथन में शामिल होने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के सैंकड़ों लोग जुटे। तीन मार्च को मंडी सेक्टर में एक कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर के घर से सात किलाग्राम हेरोइन, 2.30 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, हथियार एवं गोला बारूद की जब्ती के बारे में सवाल पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि निकट अतीत में दर्जनभर मादक पदार्थ रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि जांचों से मादक पदार्थों तस्करी का अंतरराज्यीय संबंध खासकर पंजाब के साथ संबंध सामने आया है हम स्वापक नियंत्रण ब्यूरो की भी मदद ले रहे हैं। हमने पूर्व में कई मामलों की साथ मिलकर जांच की है।
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उन्होंने कहा कि पुंछ के इस मामले में मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश किया जाएगा। इसमें लिप्त लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह दूसरी बार है कि नियंत्रण रेखा पास इतनी अधिक मात्रा में नकदी जब्त की गई है। इससे पहले पूंछ में डेढ़ करोड़ रुपये नकदी जब्त की गई थी।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि मादक पदार्थ के व्यापार से प्राप्त रकम पाकिस्तान में आतंकी आकाओं (हैंडलर्स) के पास जाती है, फिर उसका जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों के लिए उपयोग किया जाता है। कुछ नकदी घुसैपठ करने वाले आतंकवादियों को दिया जाता है। ड्रोन से भी धनराशि इस तरफ भेजी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को विस्फोट करने का काम सौंपा जाता है तो उसे देशी बम (आईईडी) और धनराशि पहले ही ड्रोन से दे दी जाती है।
सिंह ने कहा कि यह वही रकम होती है, जो मादक पदार्थ के व्यापार से मिलती है। वहां से गतिविधियां चला रही पाकिस्तानी एजेंसी और आतंकवादी संगठन उसका उपयोग करते हैं। कुछ नेताओं द्वारा सुरक्षा एजेंसियों की आलोचना किये जाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी टिप्पणी से बचना चाहिए, अन्यथा जरूरत पड़ने पर कार्रवाई होगी।
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