AAIB ने अजित पवार के विमान हादसे की जांच से संबंधित ताजा जानकारी दी है। अत्यधिक तापमान के कारण क्षतिग्रस्त रिकॉर्डर्स से डेटा निकालने के लिए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों की सहायता ली जा रही है।

Ajit Pawar Plane Crash Investigation: महाराष्ट्र के बारामती में 28 जनवरी को हुए दर्दनाक विमान हादसे की जांच अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने बुधवार को जानकारी साझा की है कि हादसे में इस्तेमाल हुआ लियरजेट 45 (VT-SSK) का ब्लैक बॉक्स खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस हादसे ने राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों को हिला कर रख दिया था, क्योंकि इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों का दुखद निधन हो गया था।
जांच एजेंसी ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त विमान में दो स्वतंत्र फ्लाइट रिकॉर्डर लगाए गए थे। क्रैश के बाद लगी भीषण आग ने दोनों रिकॉर्डरों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके कारण डेटा को निकालना चुनौती बन गया था। फिर भी, तकनीकी टीमें लगातार प्रयासरत हैं।
डिजिटल फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (DFDR) का डेटा सफलतापूर्वक डाउनलोड कर लिया गया है, जिससे विमान की गति, ऊंचाई और इंजन की स्थिति का पता चल रहा है। वहीं, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) का विश्लेषण अभी जारी है। हनीवेल द्वारा बनाए गए इस रिकॉर्डर का डेटा अधिक क्षतिग्रस्त है, इसलिए अमेरिकी विशेषज्ञों से मदद ली जा रही है।
एएआईबी ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह से स्वतंत्र और पारदर्शी है, और यह ‘विमान दुर्घटना एवं घटना जांच नियम, 2017’ व ICAO मानकों के अनुरूप की जा रही है। ब्यूरो ने जनता से अपील की है कि अफवाहों और अटकलों से बचें।
जांच का मुख्य उद्देश्य दुर्घटना के कारणों का सही पता लगाना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। रिपोर्ट आने के बाद सभी तथ्य जनता के सामने रखे जाएंगे।
28 जनवरी को बारामती के पास प्लेन क्रैश में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार, पायलट कैप्टन सुमित कपूर, शांभवी पाठक, फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली और पीएसओ विदिप जाधव की मौत हो गई थी। हादसे के पीछे क्या कारण था, यह अब जांच का मुख्य केंद्र है। Ajit Pawar Plane Crash Investigation