10वीं की परीक्षा के बीच छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, परिवार को नहीं थी गर्भावस्था की जानकारी
10वीं बोर्ड की गणित परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। परीक्षा दे रही एक छात्रा को अचानक तेज पेट दर्द हुआ। उसने कक्ष निरीक्षक से अनुमति लेकर वॉशरूम जाने की बात कही। कुछ ही देर बाद वॉशरूम से नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी।

Baby in Washroom : मध्यप्रदेश के पीथमपुर में 10वीं बोर्ड की गणित परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। परीक्षा दे रही एक छात्रा को अचानक तेज पेट दर्द हुआ। उसने कक्ष निरीक्षक से अनुमति लेकर वॉशरूम जाने की बात कही। कुछ ही देर बाद वॉशरूम से नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। जब स्कूल स्टाफ वहां पहुंचा तो पता चला कि छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया है। घटना से परीक्षा केंद्र में अफरा-तफरी मच गई।
एंबुलेंस बुलाकर छात्रा और नवजात को अस्पताल भेजा
तुरंत एंबुलेंस बुलाकर छात्रा और नवजात को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकीय निगरानी में रखकर आवश्यक उपचार किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि छात्रा के परिजनों को उसकी गर्भावस्था के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि छात्रा ने अपनी स्थिति किसी को नहीं बताई थी।
पुलिस जांच शुरू
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। जीरो एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को आगे की जांच के लिए बेतमा क्षेत्र की पुलिस को सौंपा गया है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए संबंधित कानूनी धाराओं के तहत जांच की जा रही है। यह घटना केवल एक अप्रत्याशित प्रसंग नहीं है, बल्कि किशोरावस्था में स्वास्थ्य जागरूकता, पारिवारिक संवाद और यौन शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सवाल उठाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से बचाव के लिए परिवार और स्कूल दोनों स्तर पर खुला संवाद और स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन बेहद जरूरी है।
Baby in Washroom : मध्यप्रदेश के पीथमपुर में 10वीं बोर्ड की गणित परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। परीक्षा दे रही एक छात्रा को अचानक तेज पेट दर्द हुआ। उसने कक्ष निरीक्षक से अनुमति लेकर वॉशरूम जाने की बात कही। कुछ ही देर बाद वॉशरूम से नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। जब स्कूल स्टाफ वहां पहुंचा तो पता चला कि छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया है। घटना से परीक्षा केंद्र में अफरा-तफरी मच गई।
एंबुलेंस बुलाकर छात्रा और नवजात को अस्पताल भेजा
तुरंत एंबुलेंस बुलाकर छात्रा और नवजात को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकीय निगरानी में रखकर आवश्यक उपचार किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि छात्रा के परिजनों को उसकी गर्भावस्था के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि छात्रा ने अपनी स्थिति किसी को नहीं बताई थी।
पुलिस जांच शुरू
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। जीरो एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को आगे की जांच के लिए बेतमा क्षेत्र की पुलिस को सौंपा गया है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए संबंधित कानूनी धाराओं के तहत जांच की जा रही है। यह घटना केवल एक अप्रत्याशित प्रसंग नहीं है, बल्कि किशोरावस्था में स्वास्थ्य जागरूकता, पारिवारिक संवाद और यौन शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सवाल उठाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से बचाव के लिए परिवार और स्कूल दोनों स्तर पर खुला संवाद और स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन बेहद जरूरी है।












