PM Modi : संसद के बजट सत्र का आज (10 फरवरी) को आखिरी दिन है। इस दौरान संसद में राम मंदिर पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया है। इस पर सभी नेताओं ने भाषण दिया। वहीं अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में भाषण दे रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि देश में रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म बहुत कम होता है। हमने बहुत कम देखा है कि रिफॉर्म भी हो, परफॉर्म भी हो और हम ट्रांसफॉर्म होते हुए अपने आगे देख पाते हो। 17वीं लोकसभा से आज देश ये अनुभव कर रहा है। मुझे विश्वास है कि देश 17वीं लोकसभा को जरूर आशीर्वाद देता रहेगा।
धन्यवाद के साथ की भाषण की शुरूआत
संसद में पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरूआत सदन के नेता और एक सहयोगी को धन्यवाद करते हुए की। उन्होने कहा अध्यक्ष महोदय, मैं आपको धन्यवाद देता हूं। कभी-कभी सुमित्रा जी मजाक करती थीं, लेकिन आपका चेहरा हमेशा मुस्कान से भरा रहता है। आपने हर स्थिति को धैर्य और स्वतंत्रता के साथ निपटाया है। इन पांच वर्षों में मानवता इस सदी की सबसे बड़ी चुनौती से निपटी। ऐसी स्थिति थी। सदन में आना एक चुनौती थी। अध्यक्ष महोदय, आपने सुनिश्चित किया कि सभी उपाय किए जाएं और देश का काम कभी न रुके।
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साथ ही उन्होंने कहा मैं संकट के उस समय में अपना भत्ता छोड़ने के लिए सभी सांसदों की सराहना करता हूं। किसी ने इस पर दोबारा विचार नहीं किया। कोरोना काल के दौरान देश के लोगों को संदेश देते हुए सांसदों ने अपने वेतन में 30% की कटौती करने का फैसला किया। मीडिया आम तौर पर अपने लाभों के लिए सांसदों की आलोचना करता है। आपने तय किया कि एमपी कैंटीन में हर कोई बाहर के बराबर ही भुगतान करेगा। आपने हमारा मजाक उड़ाने वालों को रोक दिया। हम सभी सांसद बिना कारण साल में दो बार हिंदुस्तान के मीडिया के किसी न किसी कौने में गाली खाते रहते थे कि इन सांसदों को इतना मिलता है और कैंटीन में इतने में खाते हैं। आपने निर्णय किया, सबके लिए समान रेट होंगे कैंटीन में और सांसदों ने कभी भी विरोध नहीं किया, शिकायत नहीं की और लोगों की फजीयत से हमें बचा लिया गया।
भारत को मिली G-20 की अध्यक्षता - पीएम मोदी
इस दौरान उन्होंने कहा कि संसद का नया भवन होना चाहिए, इसकी चर्चा सबने की, सामूहिक रूप से की, लेकिन निर्णय नहीं होता था। ये आपका नेतृत्व है जिसने निर्णय किया और इसी का परिणाम है कि आज देश को ये नया संसद भवन प्राप्त हुआ है। एक संसद के नए भवन में एक विरासत का अंश और जो आजादी की पहला पल था, उसको जीवंत रखने का हमेशा-हमेशा हमारे मार्गदर्शक रूप में सेंगोल को यहां स्थापित करने का काम किया गया। इस काल खंड में जी20 की अध्यक्षता भारत को मिली। भारत को बहुत सम्मान मिला। देश के हर राज्य ने अपने-अपने तरीके से विश्व के सामने भारत का सामर्थ्य और अपने राज्य की पहचान बहुत खूबी प्रस्तुत की, जिसका प्रभाव आज भी विश्व के मंच पर है।
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डिजिटलाइजेशन पर भी बोले पीएम
अपने भाषण के दौरान डिजिटलाइजेशन पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आधुनिक तकनीक के अब सब आदि हो गए हैं। यह स्थाई व्यवस्था बनाई गई है। संयुक्त प्रयास के कारण ही 17वीं लोकसभा की प्रोडक्टिविटी करीब-करीब 97 प्रतिशत रही है। यह प्रशन्नता का विषय है। लेकिन मुझे विश्वास है कि आज जब 17वीं लोकसभा की समाप्ति की तरफ हम बढ़ रहे हैं तब एक संकल्प लेकर 18वीं लोकसभा की शुरुआत होगी कि हम हमेशा शत प्रतिशत से ज्यादा प्रोडक्टिविटी वाली हमारी कैपिसिटी होगी।