जाने 1857 का दिल्ली की वह सुबह जिसने इतिहास बदल दिया

शहर ने विद्रोहियों का खुले दिल से स्वागत नहीं किया। महमूद फ़ारूक़ी बताते हैं कि लोग अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ थे, लेकिन अपने घरों पर बोझ नहीं चाहते थे। विद्रोहियों का अनुशासनहीन व्यवहार—जूते पहनकर दरबार में घुसना, हथियार लेकर जाना—भी दिल्लीवालों को नागवार गुज़रता था।

Delhi of 1857

1857 का दिल्ली (फाइल फोटो)

locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar29 Nov 2025 05:25 PM
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