
Dal Lake : भारत के श्रीनगर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है। धरती के इसी स्वर्ग में मौजूद है भारत की सबसे सुंदर डल झील। डल झील श्रीनगर ही नहीं बल्कि भारत के हर पर्यटक के लिए आकर्षण का केन्द्र रही है। दु:खद समाचार यह है कि धरती के स्वर्ग यानि की श्रीनगर की डल झील मरने के कगार पर पहुंच गयी है। डल झील को लेकर हाल ही में एक बड़ी रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। डल झील पर केन्द्रित यह रिपोर्ट बताती है कि डल झील दर्द का दरिया बनने वाली है।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार डल झील खतरे में है। दरअसल हाल में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कश्मीर में डल झील की 'बिगड़ती स्थिति' पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जम्मू-कश्मीर प्रदूषण नियंत्रण समिति सहित कई प्राधिकारों से जवाब मांगा है। एनजीटी ने कहा कि एक समय लोग इस झील का पानी पीते थे, लेकिन आज इसका उपयोग मुंह धोने के लिए भी नहीं कर सकते। इसरो द्वारा खींचे गए सैटेलाइट चित्रों के सहयोग से अमेरिकी संस्था 'अर्थ ऑब्जर्वेटरी इमेज' भी कह चुकी है कि वर्ष 1980 से 2018 के बीच श्रीनगर का 'अस्तित्व' कही जाने वाली डल झील का आकार 25 फीसदी घट गया। अदालती दखल, सरकारी कोशिशों व स्थानीय दबाव के बावजूद डल झील मजबूर है मौन अतिक्रमण सहने और घरेलू गंदगी को खपाने के लिए। श्रीनगर की कुल आय का 16 प्रतिशत इसी झील से आता है। यहां के 46 फीसदी लोगों के घर का चूल्हो इसी झील से हुई कमाई से जलता है। तैरते हुए बगीचे झील के मुख्य आकर्षण हैं। कमल और कुमुदनी के फूल नयनाभिराम दृश्य प्रस्तुत करते हैं। यह झील लाखों जलचरों, परिंदों का भी घरोंदा हुआ करती थी। अपने जीवन की थकान, हताशा और एकाकीपन को दूर करने के लिए देश-दुनिया के लाखों पर्यटक इसका दीदार करने आते थे। अब यह बदबूदार नाबदान व शहर के लिए मौत के जीवाणु पैदा करने का जरिया बन गई है।