देश की वो नदी जो लाती है बदनसीबी, छूने से भी कांपते हैं लोग
भारत
RP Raghuvanshi
05 Aug 2025 01:29 PM
भारत में नदियों को देवी का दर्जा दिया गया है। गंगा, यमुना, नर्मदा जैसी नदियों में स्नान करना पुण्य माना जाता है लेकिन क्या आपने कभी किसी ऐसी नदी के बारे में सुना है जिसे श्रापित कहा जाता हो? जहां स्नान करने से पाप लगने की मान्यता हो? ऐसी ही एक रहस्यमयी और डरावनी नदी हमारे देश में बहती है। Cursed River
मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश की सीमा से होकर बहने वाली चंबल नदी (Chambal River) को लेकर कई सदियों से भयंकर मान्यताएं जुड़ी हैं। कहा जाता है कि यह नदी न तो पवित्र मानी जाती है और न ही इसकी पूजा की जाती है। लोग इसके पानी को छूने से भी कतराते हैं।
क्यों मानी जाती है चंबल नदी श्रापित?
चंबल नदी के श्रापित होने की कहानी महाभारत काल से जुड़ी हुई है। मान्यता है कि जब पासों के खेल में पांडवों की हार हुई और कौरवों ने द्रौपदी का चीरहरण किया वह अपमानजनक घटना इसी चंबल नदी के किनारे हुई थी। उस समय क्रोधित होकर द्रौपदी ने इस नदी को श्राप दे दिया था कि जो भी इसका जल पिएगा या इसमें स्नान करेगा, उसका जीवन प्रतिशोध, दुख और अपमान से भरा रहेगा। तब से चंबल को शापित नदी कहा जाने लगा।
बलि और खून की कहानी भी है डरावनी
एक दूसरी लोककथा के अनुसार, पुराने समय में यहां के राजा रति देव ने किसी यज्ञ के लिए चंबल नदी के तट पर सैकड़ों जानवरों की बलि दी थी। कहा जाता है कि बलिदानों से निकला खून नदी में जा मिला जिससे चंबल का पानी लाल हो गया था। तभी से इस नदी को अशुद्ध और अभिशप्त माना जाने लगा।
लोगों के बीच डर क्यों कायम है?
आज भी स्थानीय लोग चंबल नदी में स्नान या जल सेवन से परहेज करते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों में इस नदी का पानी कभी उपयोग में नहीं लाया जाता। कुछ लोकमान्यताओं में तो इसे भूतिया नदी तक कहा गया है। माना जाता है कि इसमें नहाने या इसका पानी पीने से जीवन में अशुभ घटनाएं घट सकती हैं।
दिलचस्प बात यह है कि धार्मिक मान्यताओं से इतर, चंबल नदी का जल वैज्ञानिक रूप से काफी स्वच्छ माना जाता है। यहां की जैव विविधता बहुत समृद्ध है और यह घड़ियालों और डॉल्फिन जैसी विलुप्तप्राय प्रजातियों का घर है। लेकिन सदियों से जुड़ी धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के कारण, चंबल का रहस्य आज भी लोगों को डराता और आकर्षित करता है।