बिहार में एनडीए को मिले प्रचंड जनादेश के बाद नई सरकार के गठन को लेकर हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार देर रात भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से अचानक फोन आने के बाद जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह विशेष चार्टर विमान से दिल्ली रवाना हुए।

बता दें कि सूत्रों के अनुसार, संजय झा और ललन सिंह की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ लगातार बातचीत हो रही है। यह दूसरी बार है जब दोनों नेता दो दिनों के भीतर दिल्ली पहुंचे हैं। 16 नवंबर को भी वे अमित शाह और अन्य नेताओं से मुलाकात कर पटना लौटे थे, लेकिन सोमवार देर रात अचानक बुलावे ने नई सरकार के स्वरूप को लेकर अटकलें तेज कर दी हैं।
बता दें कि पटना में मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा–जदयू नेताओं की मैराथन बैठकें जारी हैं। माना जा रहा है कि इस बार मंत्रिमंडल का गठन ‘6 विधायक = 1 मंत्री’ फार्मूले पर होगा। छोटे दलों—उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी—को भी उनके कम विधायकों के बावजूद एक-एक मंत्री पद मिलने की संभावना है। चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) के 19 विधायक हैं, इसलिए उन्हें तीन मंत्री पद मिल सकते हैं। साथ ही एक डिप्टी सीएम पद की मांग भी उठ रही है।
बता दें कि 89 विधायकों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है। ऐसे में उसे 15 मंत्री पद, विधानसभा अध्यक्ष और एक डिप्टी सीएम का पद मिलने की चर्चा है। वहीं जदयू के पास 85 विधायक हैं, जिसके आधार पर उसे मुख्यमंत्री सहित 14 मंत्री पद मिलने की संभावना है।
इस बार जदयू की ओर से विधानसभा अध्यक्ष पद की मांग की जा रही है। जदयू का तर्क है कि विधान परिषद में सभापति का पद पहले ही बीजेपी के पास है। लेकिन बीजेपी का दावा है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते स्पीकर का पद उसे मिलना चाहिए।
भाजपा इस बार गृह मंत्री पद पर नजर बनाए हुए है, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले भी यह विभाग अपने पास रखते आए हैं। माना जा रहा है कि इस बार भी वे इसे छोड़ने के मूड में नहीं हैं।
गांधी मैदान में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ जोरों पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री समारोह में शामिल होंगे। सभी सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं को भी आमंत्रण भेजा जा चुका है।
बता दें कि नीतीश कुमार ने सोमवार को अपनी सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक की और विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव पारित कराया। 19 नवंबर को जदयू और बीजेपी विधायक दल की अलग-अलग बैठकें होंगी, जिसके बाद एनडीए के सभी विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से नेता चुना जाएगा। फिर मुख्यमंत्री राजभवन जाकर सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे। बिहार की नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुँच चुकी है, लेकिन मंत्रिमंडल के स्वरूप, विधानसभा अध्यक्ष और डिप्टी सीएम पद को लेकर अभी भी माथापच्ची जारी है।