महाराष्ट्र: नशे के नशे में पोता बना 'यमराज'! दादी को पिलाई जहरीली चाय, फरार

पति के निधन के बाद वह अकेली जीवन व्यतीत कर रही थीं। प्रारंभ में उनकी मौत को उम्र और बीमारी का नतीजा माना गया था, लेकिन पुलिस की गहराती जांच ने इस सामान्य मौत के पर्दे के पीछे छिपी भयानक सच्चाई को उजागर किया।

Poisonous tea was given to grandmother
पुलिस ने खोला पोते का जहरीला राज (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar21 Feb 2026 05:34 PM
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Maharashtra News: रिश्तों को कत्ल करने वाली और मानवता को शर्मसार करने वाली एक दर्दनाक घटना महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले से सामने आई है। नशे की गिरफ्त में आकर एक पोते ने अपनी ही दादी की जान लेकर पूरे इलाके को दंग रहने पर मजबूर कर दिया है। खैनी और शराब के नशे के लिए पैसे जुटाने की लालच में आरोपी ने अपनी दादी को जहरीली चाय पिलाकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। यह हृदयविदारक वारदात कोल्हापुर के गंगावेश इलाके की है, जिसने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है।

अकेलेपन का फायदा उठाकर दी जहरीली चाय

मृतका का नाम उषा मारुति भिउंगड़े बताया गया है। पति के निधन के बाद वह अकेली जीवन व्यतीत कर रही थीं। प्रारंभ में उनकी मौत को उम्र और बीमारी का नतीजा माना गया था, लेकिन पुलिस की गहराती जांच ने इस सामान्य मौत के पर्दे के पीछे छिपी भयानक सच्चाई को उजागर किया। आरोपी पोते प्रेम भिउंगड़े को गंभीर नशे की लत थी। खैनी और शराब के लिए जरूरी पैसे जुटाने के चक्कर में उसने रिश्तों को ताक पर रख दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि उसने अपनी दादी की चाय में जहर मिलाकर उनकी हत्या कर दी। दादी की मौत की पुष्टि होते ही उसने उनके शरीर से सोने की चूड़ियां, हार और अन्य गहने उतारकर अपने कब्जे में ले लिए, ताकि वह अपने नशे का खर्च चला सके।

पुलिस की तेजी से कार्रवाई, आरोपी का खुलासा

मौके पर मौजूद पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों को जब बुजुर्ग महिला की मौत पर शक हुआ, तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही लोकल क्राइम ब्रांच हरकत में आ गई। पुलिस इंस्पेक्टर सुशांत चव्हाण के नेतृत्व वाली टीम ने मामले का पर्दाफाश करने के लिए तकनीकी सुरागों और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपी प्रेम को हिरासत में ले लिया। कसकर पूछताछ के दौरान आरोपी टूट गया और उसने अपनी दादी की हत्या करने का आरोप स्वीकार कर लिया। उसने कबूल किया कि उसने नशे के लिए पैसे पाने के लालच में ही यह अमानवीय कृत्य किया है।

इलाके में सनसनी, आरोपी गिरफ्तार

इस घटना ने गंगावेश इलाके में दहशत फैला दी है। लोग रिश्तों की ऐसी नफरत और बेगुनाह दादी की बर्बर हत्या देखकर स्तब्ध हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आवश्यक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। वर्तमान में यह मामला पूरे कोल्हापुर जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लोग इस क्रूर घटना की निंदा कर रहे हैं। Maharashtra News

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Tata Punch EV 2026 Facelift: बैटरी, रेंज और कीमत में बड़ा बदलाव

नई पंच ईवी का सबसे बड़़ आकर्षण इसकी कीमत और खरीदने का नया तरीका है। कार की स्टैंडर्ड कीमत 9.69 लाख रुपये से 12.59 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक है। लेकिन, सबसे बड़ी खबर यह है कि अब इसे 'बैटरी एज़ ए सर्विस' (BaaS) के साथ खरीदा जा सकता है।

Tata Punch EV 2026 Facelift
बैटरी में हुआ जबरदस्त अपग्रेड (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar21 Feb 2026 02:19 PM
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Tata Punch EV 2026 Facelift: टाटा मोटर्स ने अपनी सबसे लोकप्रिय इलेक्ट्रिक कार पंच ईवी (Punch EV) का 2026 फेसलिफ्ट मॉडल लॉन्च कर दिया है। इस बार कंपनी ने ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कार की बैटरी, रेंज और चार्जिंग क्षमता में बड़े सुधार किए हैं। डिजाइन से लेकर फीचर्स तक, यह नई कार अपने पुराने मॉडल से काफी अलग और बेहतर नज़र आ रही है। आइए जानते हैं कि इस नई इलेक्ट्रिक कार में क्या खास है।

कीमतों में बड़ा खेल: BaaS के साथ सस्ता विकल्प

नई पंच ईवी का सबसे बड़़ आकर्षण इसकी कीमत और खरीदने का नया तरीका है। कार की स्टैंडर्ड कीमत 9.69 लाख रुपये से 12.59 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तक है। लेकिन, सबसे बड़ी खबर यह है कि अब इसे 'बैटरी एज़ ए सर्विस' (BaaS) के साथ खरीदा जा सकता है। इस नए ऑप्शन के साथ, ग्राहक बिना बैटरी खरीदे कार ले सकते हैं, जिससे कार की कीमत घटकर मात्र 6.49 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो जाती है। इस स्कीम में ग्राहकों को प्रति किलोमीटर ड्राइविंग के हिसाब से बैटरी की लागत का भुगतान करना होता है। यह उन भारतीय ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन मौका है जो पहले इलेक्ट्रिक कार की ऊंची कीमत के कारण हिचकिचाते थे।

बैटरी और रेंज: अब 468 किलोमीटर तक बिना रुके

नए अपडेट का सबसे अहम हिस्सा इसकी बैटरी है। कंपनी ने पुरानी 25 kWh और 35 kWh की बैटरियों को बंद कर दिया है और अब इसमें बड़ी 30 kWh और 40 kWh की बैट्रियां दी जा रही हैं।

इस बदलाव का सीधा फायदा कार की रेंज पर पड़ा है:

  • पहले जहां यह कार 265 किमी और 365 किमी तक चलती थी, वहीं अब इसकी रेंज बढ़कर 375 किमी और 468 किमी हो गई है।
  • यानी दोनों मॉडलों में लगभग 100 किलोमीटर की रेंज बढ़ी है। भारतीय परिस्थितियों को देखते हुए यह एक बहुत जरूरी सुधार है, जो ग्राहकों को लंबी दूरी की यात्रा करने का आत्मविश्वास देगा।

फास्ट चार्जिंग: समय की बचत

नई पंच ईवी की चार्जिंग क्षमता में भी सुधार किया गया है। अब इसमें पहले वाली 50 किलोवाट की जगह 65 किलोवाट की डीसी फास्ट चार्जिंग मिलेगी।

  • इससे बैटरी को 20 से 80 प्रतिशत तक चार्ज होने में लगने वाला समय घटकर सिर्फ 26 मिनट रह गया है। पुराने मॉडल में इसमें 40 से 56 मिनट लगते थे।
  • यह उन ग्राहकों के लिए किफायती साबित होगा जिनके घर पर चार्जिंग की सुविधा नहीं है और जो जल्दी-जल्दी चार्ज करवाना चाहते हैं। वहीं, 7.2 किलोवाट की एसी चार्जिंग पहले जैसी ही है।

फीचर्स और सेफ्टी: पुराना आराम, नए अपडेट्स

फेसलिफ्ट मॉडल में कंपनी ने सेफ्टी फीचर्स को बरकरार रखा है। कार में 6 एयरबैग, ईएसपी, 360-डिग्री कैमरा और इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे फीचर्स पहले की तरह ही हैं। नए फीचर्स की बात करें तो कंपनी ने इसमें हाई बीम असिस्ट सिस्टम और इंटरफेस में कुछ मामूली बदलाव किए हैं। अगर कोई खरीदार केवल नए फीचर्स के लिए अपग्रेड कर रहा है, तो उसे ज्यादा बड़े बदलाव नहीं मिलेंगे, क्योंकि फेसलिफ्ट का मुख्य फोकस बैटरी और प्रदर्शन पर है। Tata Punch EV 2026 Facelift

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जाने जंगली पौधों से आधुनिक फसलों का सफर की कहानी

खेती ने न सिर्फ भोजन की सुरक्षा दी, बल्कि समाज, व्यापार और संस्कृति को भी जन्म दिया। अनाज को पीसकर आटा बनाना, पकाना ये सब उसी दौर में विकसित हुआ। यहीं से मानव सभ्यताओं की नींव पड़ी और इंसान ने एक खानाबदोश जीवन से निकलकर एक व्यवस्थित समाज का गठन किया।

From hunter to farmer
एमर गेहूं और जौ, प्राचीन खेती के साथी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar21 Feb 2026 01:15 PM
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The journey from wild plants to modern crops : आज जब हम सुपरमार्केट से बैग भरकर अनाज खरीदते हैं, तो शायद ही कभी सोचते हैं कि इस अनाज की कहानी कहां से शुरू हुई थी। एक समय था जब इंसान के पास न हल था, न बीज बोने की समझ। उसका जीवन जंगलों और शिकार पर टिका था। लेकिन करीब 12 हजार साल पहले एक ऐसा बदलाव आया, जिसने मानव इतिहास की दिशा ही बदल दी। यह वह क्षण था जब एक खानाबदोश शिकारी ने पहली बार धरती खोदी और किसान बना।

आइए जानते हैं कि आखिर धरती पर सबसे पहले कौन-सा अनाज उगाया गया, जिसने सभ्यताओं की नींव रखी।

जंगल से खेत तक का सफर

मानव इतिहास का एक बड़ा हिस्सा भटकने और खाना खोजने में बीता। शुरुआती इंसान जानवरों का शिकार करते और जंगली फल-फूल इकट्ठा कर अपना पेट भरते थे। वे कभी एक जगह टिककर नहीं रहते थे। लेकिन समय के साथ जलवायु में बदलाव आया और इंसान ने एक अहम सच्चाई समझी—बीज बोकर भोजन उगाया जा सकता है। इतिहासकारों के मुताबिक, करीब 12,000 साल पहले 'नवपाषाण काल' (Neolithic Age) में खेती की संगठित शुरुआत हुई, जिससे इंसान ने स्थायी बस्तियां बसानी शुरू कीं।

कहां हुई थी खेती की शुरुआत?

खेती की शुरुआत का श्रेय 'उपजाऊ अर्द्धचंद्र' (Fertile Crescent) क्षेत्र को दिया जाता है। यह क्षेत्र आज के इजराइल, जॉर्डन, सीरिया, तुर्की और इराक के हिस्सों में फैला था। यहां की उपजाऊ मिट्टी और नदियों की मौजूदगी ने खेती के लिए एक आदर्श माहौल दिया।

कौन सा था पहला अनाज?

पुरातत्व शोधों में इस क्षेत्र से सबसे पुराने अनाज के जो प्रमाण मिले हैं, उन्होंने इतिहास का पर्दा खोल दिया। दरअसल, खेती की शुरुआत 'एंकोर्न गेहूं' (Einkorn) और 'एमर गेहूं' (Emmer) से हुई।

  • एंकोर्न (Einkorn): इसे दुनिया की सबसे पुरानी गेहूं प्रजाति माना जाता है।
  • एमर (Emmer): यह भी शुरुआती खेती का एक बड़ा हिस्सा था।

वैज्ञानिकों का मानना है कि इंसानों ने सबसे पहले जंगली गेहूं के पौधों को पहचाना और फिर उन्हें व्यवस्थित रूप से बोना शुरू किया। इन्हीं प्राचीन किस्मों को विकसित करके बाद में आधुनिक गेहूं का निर्माण किया गया। इसके साथ ही यहां जौ (Barley) की खेती के भी प्राचीन सबूत मिले हैं।

जब इंसान ने सीखी खेती की तकनीक

करीब 9 से 10 हजार साल पहले तक इंसान खेती की बारीकियों को समझ चुका था। उसने बीज बचाना, उन्हें दोबारा बोना और फसल काटने के तरीके सीख लिए थे। खेती की शुरुआत के बाद इंसान का जीवन पूरी तरह बदल गया। अब उसे भोजन की तलाश में लगातार घूमना नहीं पड़ता था। उसने स्थायी घर बनाए और गांव बसाए। The journey from wild plants to modern crops

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