उत्तरकाशी की हर तस्वीर में छिपा है दर्द, सामने आई बड़ी अपडेट
भारत
चेतना मंच
06 Aug 2025 10:04 AM
उत्तराखंड (Uttrakhand) के उत्तरकाशी जिले (Uttarkashi) में भारी बारिश और बादल फटने की वजह से भीषण तबाही मच गई है। धराली गांव इस आपदा की सबसे बड़ी चपेट में आया है। गांव का बड़ा हिस्सा मलबे में दब चुका है। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि 50 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन लगातार बारिश और भूस्खलन रेस्क्यू ऑपरेशन में सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रहे हैं। Uttarkashi
सड़कों का मिटा नामोनिशान
धराली गांव से करीब 35 किलोमीटर दूर भटवारी क्षेत्र में आज तक की टीम ग्राउंड जीरो से हालात का जायजा ले रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांव तक पहुंचने के रास्ते में कई जगह लैंडस्लाइड हुए हैं। गंगोत्री-हर्षिल को जोड़ने वाला 150 मीटर लंबा सड़क मार्ग पूरी तरह से टूट चुका है। इससे राहत टीमों एनडीआरएफ और आईटीबीपी को आगे बढ़ने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। सड़कें धंसी हुई हैं, जगह-जगह दरारें हैं और कई हिस्सों में मलबा जमा है। ऐसे में बचावकर्मी अब पहाड़ों के दुर्गम रास्तों से जरूरत का सामान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। मौसम की खराबी के कारण हेलीकॉप्टर राहत कार्यों में हिस्सा नहीं ले पा रहे, हालांकि उन्हें स्टैंडबाय पर रखा गया है।
सेना कैंप भी तबाही की चपेट में
धराली के पास मौजूद एक आर्मी कैंप भी इस आपदा की चपेट में आ गया है। यहां सेना की 14 राजपूताना राइफल्स की यूनिट तैनात है। बताया जा रहा है कि आर्मी मेस और कैफे भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और कई जवान लापता हैं। हर्षिल में नदी किनारे बना हेलीपैड भी बाढ़ में बह गया है, जिससे हवाई राहत-बचाव में बाधा आ रही है।
खतरनाक रूप ले रही हैं नदियां
धराली के पास खीरगंगा में आई बाढ़ ने हर्षिल क्षेत्र को जलमग्न कर दिया है। भागीरथी नदी उफान पर है जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन ने ऐहतियातन कई गांवों को खाली करा लिया है और लोगों से नदियों के पास न जाने की अपील की है।बचावकर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मलबे में दबे लोगों का पता लगाना है। मौके पर भारी मशीनरी और डिटेक्शन सिस्टम की कमी के कारण मलबे में फंसे लोगों को निकालना बेहद मुश्किल हो रहा है। मौसम भी साथ नहीं दे रहा।
मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हरिद्वार, नैनीताल, उधमसिंह नगर समेत नौ जिलों देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, चंपावत, पौड़ी, अल्मोड़ा और बागेश्वर में आज स्कूल, कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्र बंद हैं। रुद्रप्रयाग में रातभर से मूसलधार बारिश हो रही है, अलकनंदा नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है। केदारनाथ यात्रा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। बागेश्वर में सरयू और गोमती नदियां उफान पर हैं, जबकि कोटद्वार और आसपास के पहाड़ी इलाकों में भी लगातार बारिश जारी है।