Waqf Bill पर JPC की बैठक में जमकर हुआ हंगामा, 10 विपक्षी सांसद निलंबित
Waqf Bill
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 04:22 AM
Waqf Bill : वक्फ संशोधन अधिनियम पर चल रही चर्चा में हाल ही में जेपीसी (संयुक्त संसदीय समिति) में जमकर हंगामा हुआ, जिसके बाद विपक्षी दलों के दस सांसदों को एक दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया। हंगामे के दौरान असदुद्दीन ओवैसी, कल्याण बनर्जी, इमरान मसूद सहित कई अन्य विपक्षी नेताओं ने गंभीर आरोप लगाया है। वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) में हुई हंगामे की घटना ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
बता दें कि, JPC की बैठक में दोनों पक्षों के बीच हंगामा इतना अधिक बढ़ गया कि मार्शल को बुलाना पड़ा। इस दौरान सांसदों द्वारा जमकर नारेबाजी की गई। विपक्ष ने 27 जनवरी को क्लॉज बाई क्लॉज पर चर्चा करने से ऐतराज जताया है। इसके खिलाफ विपक्ष ने जोर से हंगामा किया। इस विवाद के बाद, विपक्षी दलों के 10 सांसदों को एक दिन के लिए सस्पेंड कर दिया गया। जिसमें टीएमसी के कल्याण बनर्जी, टीएमसी के नदीम उल हक, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, समाजवादी पार्टी के मोबीबुल्लाह, कांग्रेस के नासिर हुसैन, कांग्रेस के इमरान मसूद, मोहम्मद जावेद, शिवसेना यूबीटी के अरविंद सावंत, डीएमके के ए राजा और अब्दुल्ला शामिल हैं।
आज की बदतमीजी नहीं सही जाएगी
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बयान देते हुए कहा है कि, 'मैंने विपक्ष को कभी नहीं रोका। आज तक जब भी मीटिंग हुई मुझे बोलने का मौका नहीं दिया गया। आज जिस तरह से बदतमीजी की गई, वो किसी भी तरह से स्वीकार नहीं है।' इस बीच तृणमूल पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी का भी बयान सामने आया है। कल्याण बनर्जी का कहना है कि, बीजेपी सांसदों के जो मन में आ रहा है वह बोल रहे हैं। बताया जा रहा है कि जेपीसी के सदस्य (विपक्षी सांसद) इस बात पर सवाल उठा रहे थे कि एड-हॉक मीटिंग क्यों बुलाई जा रही है। अब सभी 27 तारीख की मीटिंग में आएंगे।
विपक्षी सदस्य लोकसभा स्पीकर को लिख रहे पत्र
सूत्रों के मुताबिक वक्फ जेपीसी में शामिल विपक्षी सदस्य चेयरमैन की शिकायत लोकसभा के स्पीकर से करेंगे। वक्फ की जेपीसी में शामिल विपक्षी सदस्य लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखने जा रहे हैं। पत्र में शिकायत करेंगे कि जेपीसी की बैठक को अलोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है। जल्दबाजी की जा रही है, रात में अचानक बैठक की तारीख और एजेंडा में बदलाव किया जा रहा है। पिछले महीने वक्फ संशोधन विधेयक की समीक्षा कर रही एक संसदीय समिति ने कर्नाटक, राजस्थान और मध्य प्रदेश द्वारा वक्फ संपत्तियों की स्थिति पर दिए गए जवाबों को असंतोषजनक बताया था। समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा था कि इन राज्यों के प्रतिनिधियों को जवाब प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।